होली से पहले हरियाणा पूरी तरह से भगवा रंग में रंग चुका है. हरियाणा निकाय चुनाव में बीजेपी ने अपने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 नगर निगमों में से 9 नगर निगम पर जीत हासिल की है, वहीं एक नगर निगम में निर्दलीय प्रत्याशी जीता है, जबकि राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस चारों खाने चित्त हो गई है. उसका खाता तक नहीं खुल सकता है और दिल्ली चुनाव की तरह उसे यहां भी नगर निगमों में “जीरो” हासिल हुआ है.
हरियाणा में विधानसभा चुनाव में हैट्रिक लगाने के बाद बीजेपी ने जहां निकाय चुनाव में जबर्दस्त प्रदर्शन किया है, वहीं प्रदेश में कई खेमों में बंटी और विधानसभा चुनाव के 5 महीने बाद भी नेता प्रतिपक्ष पर फैसला नहीं कर पाने वाली कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे ज्यादा ख़राब रहा है. हरियाणा के 10 नगर निगमों में से एक में भी कांग्रेस का मेयर प्रत्याशी नहीं जीत सका और इस तरह से कांग्रेस को चुनाव में जीरो हासिल हुआ है. राज्य में कांग्रेस के हालात किस कदर खराब है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ रोहतक में भी कांग्रेस जीत नहीं पाई, जबकि कुमारी शैलजा के गढ़ रहे सिरसा नगर परिषद में भी भाजपा का चेयरमैन बन गया. आपको बता दें कि सिरसा से कांग्रेस की कुमारी शैलजा सांसद हैं.
हरियाणा के गुरुग्राम, यमुनानगर, पानीपत, फरीदाबाद, अंबाला, करनाल, सोनीपत, हिसार, रोहतक नगर निगमों में बीजेपी के मेयर प्रत्याशी चुनाव जीत गए हैं, जबकि मानेसर में निर्दलीय मेयर प्रत्याशी डॉ. इंद्रजीत यादव चुनाव जीतीं हैं. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार सुंदर लाल को हराया है. यमुनानगर में भाजपा की सुमन बहमनी मेयर बनीं हैं. वहीं हिसार में बीजेपी के मेयर प्रत्याशी प्रवीन पोपली चुनाव जीते हैं. उन्होंने कांग्रेस के कृष्ण सिंगला को हराया है. गुरुग्राम में भाजपा की मेयर उम्मीदवार राज रानी मल्होत्रा ने जीत हासिल की है. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार सीमा पाहुजा को हराया है. रोहतक नगर निगम में मेयर पद के लिए भाजपा के रामअवतार वाल्मीकि जीत गए हैं. उन्होंने कांग्रेस के सूरजमल किलोई को हराया है. सोनीपत में भाजपा के राजीव जैन मेयर बने हैं. उन्होंने कांग्रेस के कमल दीवान को हराया है. करनाल नगर निगम में भाजपा की रेणु बाला गुप्ता मेयर बन गई हैं. उन्होंने कांग्रेस के मनोज वधवा को हराया है. अंबाला से BJP की मेयर उम्मीदवार सैलजा सचदेवा जीतीं हैं.