मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले वृहद् स्तर के कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर सोमवार रात मुख्यमंत्री निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक की. उन्होंने बताया कि इस बार राजस्थान दिवस जनकल्याण को समर्पित होगा और सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रमों के दौरान प्रदेशवासियों को लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकर्पण किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है. इसी दिशा में आगामी बजट में कई योजनाओं की घोषणा की गई है, जिनके तहत इन वर्गों को नई सौगातें दी जाएंगी.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रमुख निर्देश:-
रोजगार उत्सव: मुख्यमंत्री ने रोजगार उत्सव के आयोजन की घोषणा की जिसमें सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे. इसके अलावा, जिला मुख्यालयों पर रोजगार मेलों का आयोजन भी किया जाएगा. इस दौरान कौशल नीति और युवा नीति की घोषणा भी की जाएगी, साथ ही मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान की शुरुआत होगी.
किसान कल्याण: किसानों के कल्याण के लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का आयोजन और विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान हस्तान्तरण होगा.
नारी सशक्तिकरण: महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा लाडो प्रोत्साहन योजना, कालीबाई भील योजना के तहत स्कूटी वितरण, और विवेकानंद स्कॉलरशिप योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए जाएंगे.
वंचितों को प्राथमिकता: राज्य सरकार वंचित वर्गों के कल्याण के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय गरीब मुक्त ग्राम योजना और दादूदयाल घुमन्तु सशक्तीकरण योजना की घोषणा करेगी. इसके अलावा, निर्माण श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से सहायता, डेयरी बूथ अलॉटमेंट और विद्युत चालित चाक का वितरण भी किया जाएगा.
निवेश उत्सव: मुख्यमंत्री ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत एमओयू के सफल क्रियान्वयन का उल्लेख किया. इसके परिणामस्वरूप लगभग 3 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया जाएगा. निवेशकों की सुविधा के लिए एक मोबाइल एप भी लॉन्च की जाएगी, जिससे निवेशकों को हर संभव सहायता मिल सके.
राजस्थान दिवस के इस आयोजन में प्रदेश के सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और राज्य सरकार प्रदेशवासियों को कई योजनाओं के लाभ का मार्गदर्शन भी देगी. बता दें कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा का प्रत्युत्तर के दौरान देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा 30 मार्च, 1949 (वर्ष प्रतिपदा संवत् 2006) के अवसर पर दिए भाषण का उल्लेख करते हुए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को राजस्थान दिवस भारतीय रीति-नीति से मनाए जाने की घोषणा की थी.