एक 70 साल के बुजुर्ग को चार साल पहले दिल का दौरा पड़ा था। हाल ही में जब उनके मुंह की गांठ के ऑपरेशन से पहले कुछ जरुरी जाँच की गई, तो डॉक्टरों ने उनके दिल में एक बेहद दुर्लभ बीमारी पाई।
दिल की मांसपेशियों को खून पहुंचाने वाली मुख्य धमनी (LAD) से एक लंबी, बड़ी और टेढ़ी-मेढ़ी नली फेफड़ों की मुख्य धमनी (Pulmonary Artery) तक जा रही थी। इस स्थिति को कोरोनरी आर्टरी फिस्टुला (CAF) कहा जाता है। यह नली दिल के सबसे जरूरी हिस्से से खून चुरा रही थी।
CAF की आम आबादी में होने की संभावना मात्र 0.002% होती है। अगर इसका इलाज न हो, तो सडन कार्डिएक डेय (SCD) यानी अचानक दिल का दौरा पड़ने का खतरा हमेशा बना रहता है।
पारस अस्पताल, कानपुर के डायरेक्टर और CTVS सर्जन डॉ. मनोज अग्नी और उनकी टीम ने इस बीमारी का सफल ऑपरेशन किया। उन्होंने इस असामान्य नली को कई जगहों से बंद किया और साथ ही कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग भी की। यह पूरी सर्जरी चलते हुए दिल (Beating Heart) पर की गई।
ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी अच्छी रही और सिर्फ छह दिन में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब वे घर पर ठीक हैं