वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान: सीएम ने सिंदूर का पौधा रोपा तो राठौड़ ने लगाया अशोक का पौधा

प्रदेश में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की शुरुआत हो गई है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा के अवसर पर जयपुर के रामगढ़ बांध पर श्रमदान कर सिंदूर का पौधा लगाया, जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पार्टी मुख्यालय के बाहर अशोक का पौधा लगाया. उन्होंने पक्षियों के लिए परिंडे भी लगाए. इस मौके पर सीएम शर्मा ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण करना सभी का कर्तव्य है.

उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि जनसहभागिता को बढ़ावा देते हुए वंदे गंगाजल संरक्षण-जन अभियान में ज्यादा से ज्यादा श्रमदान करें. परंपरागत जल स्रोतों को स्वच्छ बनाएं, जिससे वर्षा जल का संचयन हो. उधर, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया. वर्षा जल संरक्षण अभियान से जुड़ने की अपील की.

मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जमवारामगढ़ में सिंदूर का पौधा लगाया. वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने तुलसी का पौधा भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संग्रहण कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि आज गंगादशमी के दिन अपने आसपास के जल स्रोतों, नदियों, जल धाराओं और तालाबों की पूजा-अर्चना करें. साथ ही इनके संरक्षण में बढ़-चढ़कर योगदान दें.

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सामाजिक सरोकार के अनेक काम हो रहे हैं. प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान को जन-जन का अभियान बनाया. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिका लिंगानुपात में सुधार और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित किया गया. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी की ओर से चलाए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्ष मानसून सीजन में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं. अब आगामी वर्षा काल में हम 10 करोड़ पौधे लगाने जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं पानी की आवश्यकता को समझते हुए प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में जलापूर्ति के लिए लगातार निर्णय लिए हैं. ईआरसीपी, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर, देवास परियोजना, माही बांध, सोम-कमला-अंबा सहित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में जल संचयन और पानी की उपलब्धता को बढ़ावा दिया जा रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *