स्कूलों में नशा विरोधी पाठ्यक्रम शुरू, पंजाब की AAP सरकार ने शुरू किया बड़ा अभियान

पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए बच्चों को बचपन से ही नशे के खिलाफ जागरूक किया जाएगा. इसके लिए सरकारी स्कूलों में नशा विरोधी पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा. शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान ने पंजाब के 3500 सरकारी स्कूलों में इस पाठ्यक्रम की शुरूआत की. फजिल्का स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई. इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह पाठ्यक्रम पंजाब के साथ-साथ पूरे देश को रास्ता दिखाएगा कि कैसे नशे के खिलाफ बच्चों को तैयार किया जा सकता है.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए नशा विरोधी पाठ्यक्रम शुरू कर दिया गया है. अब हम अपने बच्चों को बचपन से ही नशे के खिलाफ जागरूक करेंगे ताकि आने वाली पीढ़ी नशे से नहीं, बल्कि अपने ज्ञान, मेहनत और संकल्प से पहचानी जाए. युद्ध, नशे के विरुद्ध अब सिर्फ़ नारा नहीं, एक जनआंदोलन बन चुका है. हमें मिलकर पंजाब को नशा मुक्त बनाना है. इस अवसर पर पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने कुछ नहीं किया तो 2022 में पंजाब के लोगों ने परेशान होकर आम आदमी पार्टी को मौका दिया. कुछ महीनों से पंजाब में नशे के विरुद्ध युद्ध शुरू हुआ है. पूरे देश में आज तक नशे के विरुद्ध ऐसा युद्ध नहीं देखा गया. आप सरकार नशा बेचने वालों को जेल में डाल रही है. महज पांच महीने के अंदर 23 हजार से अधिक एफआईआर हो चुकी है, 15 हजार लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाला गया है.

नशा बेचने वालों ने बड़े-बड़े महल बना लिए थे, अब उनके उपर बुलडोजर चलाया जा रहा है. आज तक नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की किसी भी सरकार की हिम्मत नहीं थी. नशा तस्करों से सारी सरकारें डरती थीं. आप की ईमानदार, हिम्मती सरकार है, हम नशा तस्करों से नहीं डरते हैं.

सीएम भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार की अभूतपूर्व कोशिशों से सरकारी स्कूलों का कायाकल्प हुआ है. अब छात्र निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा झलकता है. नशे के खिलाफ इस तरह के कार्यक्रम नहीं होने चाहिए थे, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रूप से पंजाब को ऐसी परिस्थितियों में फंसा दिया गया है, जिसके कारण यह कार्यक्रम जरूरी हो गए हैं.

भगवंत मान ने कहा कि नशे के खिलाफ जंग पिछले 150 दिनों से जारी है और सैकड़ों पंचायतों ने प्रस्ताव पारित कर यह प्रण लिया है कि वे कभी भी नशा तस्करों का साथ नहीं देंगे. नशे के खिलाफ यह जंग अब जन आंदोलन में बदल गई है और इसके हिस्से के रूप में राज्य सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रम में नशा विरोधी शिक्षा को शामिल किया है. छात्रों को नशे के लक्षणों और खतरों से अवगत कराया जाएगा क्योंकि नशे का पहली बार उपयोग ही जिंदगी की बर्बादी की शुरुआत करता है.

भगवंत मान ने कहा कि जब मजीठिया को पकड़ा गया था, तब कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा सभी उनके समर्थन में आ गए. इनमें से कुछ नेता कहते थे कि वे मजीठिया को उसका कॉलर पकड़कर घसीटेंगे, लेकिन अब वे उसका समर्थन कर रहे हैं. अवैध तरीके से पैसा कमाने की लालच में इन नेताओं ने पंजाब को लूटा और बर्बाद कर दिया. मंत्रियों की सरकारी गाड़ियों में नशे के पैकेट सप्लाई किए जाते थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खतरे से राज्य के युवाओं को दूर रखने के लिए पंजाब सरकार हर गांव में खेल मैदान और जिम का निर्माण करवा रही है. नशा तस्करी की जानकारी देने के लिए लोगों के लिए व्हाट्सएप नंबर 97791-00200 जारी किया गया है. सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. नशा छोड़ रहे पीड़ितों के पुनर्वास की कोशिशें भी चल रही हैं ताकि वे फिर से अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जी सकें.

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