सिवानी ब्लॉक के शेखपुरा गांव की सरपंच सुमित्रा पिलानिया ने अपने नेतृत्व से गांव की तस्वीर बदल दी. एमए और बीएड की पढ़ाई पूरी करने वाली सुमित्रा ने गांव में सफाई, पार्कों की व्यवस्था, श्मशान घाट का सुधार और गलियों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित कीं. उनकी मेहनत ने शेखपुरा को स्वच्छता और विकास के क्षेत्र में एक मिसाल बना दिया.
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शेखपुरा गांव ने स्वच्छता में शानदार प्रदर्शन किया. स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर आसाराम नेहरा ने बताया कि सरकार ने स्वच्छ गांवों की सूची मांगी थी, जिसमें शेखपुरा सबसे आगे रहा. इसी कारण सरपंच सुमित्रा पिलानिया को स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मानित करेंगे. पूरे हरियाणा में चार ग्राम पंचायतों को यह सम्मान मिल रहा है, जिसमें सुमित्रा एकमात्र महिला सरपंच हैं.
सुमित्रा ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में स्वच्छता को सबसे ऊपर रखा. उन्होंने कचरा मुक्त, जलभराव मुक्त और साफ-सुथरा गांव बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं. स्वच्छता जागरूकता के लिए प्रशिक्षण शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए. शौचालय निर्माण जैसे कार्य समय पर पूरे किए गए, जिससे ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हुआ. सुमित्रा ने बताया कि उनके पति प्रदीप पिलानिया, जो समाजसेवी और युवा भाजपा नेता हैं, ने इस काम में उनका पूरा साथ दिया.
शेखपुरा के ग्रामीण इस उपलब्धि से उत्साहित हैं और सरपंच सुमित्रा को बधाई दे रहे हैं. बीडीपीओ अमित कुमार तक्षक ने कहा कि यह सम्मान न केवल सिवानी ब्लॉक, बल्कि पूरे जिला प्रशासन के लिए गर्व का क्षण है. सुमित्रा का यह पुरस्कार ग्रामीण नेतृत्व के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा.
प्रधानमंत्री द्वारा दिया जाने वाला यह सम्मान सुमित्रा के नेतृत्व और सामुदायिक विकास में उनके योगदान को दर्शाता है. शेखपुरा गांव ने स्वच्छ भारत अभियान को प्रभावी ढंग से लागू कर एक नई मिसाल कायम की. यह उपलब्धि दिखाती है कि निष्ठा और जनभागीदारी से ग्रामीण भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है. सुमित्रा का यह योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा.