पंजाब सरकार का तोहफा! खुलेंगे 200 नए आम आदमी क्लीनिक, बिना पर्ची मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट से लेकर ये सुविधाएं

पंजाबवासियों को अब पहले से बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं मिलेंगी. इसके लिए पंजाब सरकार एक खास पहल शुरू कर रही है. जिसके तहत राज्य में 200 और आम आदमी क्लीनिक खोले जाएंगे, जिससे लोगों को इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा. इसकी घोषणा पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने रविवार को की. उन्‍होंने ये बात टैगोर थिएटर में आयोजित समारोह के दौरान कही.

सीएम भगवंत सिंह ने कहा कि 881 आम आदमी क्लीनिकों को व्हाट्सऐप चैटबॉट से जोड़ने की शुरुआत से यह क्लीनिक देश का सबसे सफल स्वास्थ्य मॉडल बन रहा है, जहां मरीजों का संपूर्ण इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही 200 और क्लीनिक शुरू करेगी, जिससे इनकी कुल संख्या 1081 हो जाएगी. वर्तमान में 565 क्लीनिक ग्रामीण क्षेत्रों में और 316 शहरी क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जहां रोजाना लगभग 70,000 मरीज आ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि इन क्लीनिकों में आने वाले मरीजों में सबसे अधिक संख्या महिलाओं की है, इसके बाद बुजुर्गों की, क्योंकि उन्हें अपने घर के नज़दीक है.

पंजाब के सीएम ने बताया कि आम आदमी क्लीनिकों को व्हाट्सऐप चैटबॉट से जोड़ने से अब मरीज जब चाहें, अपनी दवाओं और जांच रिपोर्टों की जानकारी मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे. इससे स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा. उन्होंने बताया कि करीब 90% पंजाबियों के पास स्मार्टफोन हैं, जिससे यह सुविधा उन्हें सीधे पहुंचाई जा सकती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर की पर्ची, रिपोर्ट, अगली मिलने की तारीख के समय-समय पर रिमाइंडर के अलावा, शुगर व ब्लड प्रेशर से पीड़ित बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की देखभाल से जुड़ी जानकारी भी व्हाट्सऐप पर दी जाती रहेगी. इससे मरीजों को पर्चियां संभालने की जरूरत नहीं रहेगी, वे जब चाहें मोबाइल पर जानकारी ले सकते हैं. साथ ही स्वास्थ्य विभाग के पास इलाज और बीमारियों से जुड़ा पूरा डाटा भी इकट्ठा हो सकेगा.

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब कुत्ते के काटने पर पीड़ितों को तुरंत इलाज आम आदमी क्लीनिकों में मिलेगा. एंटी-रेबीज़ वैक्सीन अब यहीं उपलब्ध होंगे. पहले यह इलाज महंगा होता था और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं होता था, लेकिन अब इसका सारा खर्च सरकार उठाएगी.

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य को मेडिकल हब बनाने के लिए बड़े प्रयास किए जा रहे हैं. कपूरथला, होशियारपुर, संगरूर और नवांशहर में चार नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दी जा चुकी है.

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