तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा है कि राज्य में बड़ी सफलता हासिल करने वाली ‘नाश्ता योजना’ को अन्य राज्यों ने भी अपनाना शुरू कर दिया है. इस दौरान मुख्यमंत्री स्टालिन, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि और सीएम भगवंत मान ने छात्रों के साथ बैठकर नाश्ता किया. यह कार्यक्रम मायलापुर के सेंट सुसैयप्पार प्राथमिक विद्यालय में आयोजित किया गया था.
इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को चेन्नई में शहरी क्षेत्रों के सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए ‘मुख्यमंत्री नाश्ता योजना’ के विस्तार का शुभारंभ किया.
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा, “बच्चों के साथ नाश्ता करने से मुझे एनर्जी मिली है. अगर इस योजना के तहत 20 लाख बच्चे भोजन कर रहे हैं, तो इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है?
उन्होंने कहा, “एक बार, जब मैं अशोक नगर स्कूल (चेन्नई) गया था, तो वहां कुछ छात्रों ने बताया कि उन्होंने नाश्ता नहीं किया. इसी को ध्यान में रखते हुए यह नाश्ता योजना शुरू की गई है. इस योजना के कारण, स्कूल आने वाले बच्चे भूखे नहीं रहेंगे. मैं इस योजना की सीधे मॉनिटरिंग कर रहा हूं.”
स्टालिन ने कहा कि इस योजना के बाद स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ी है और स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई है. अगर 20 लाख छात्र इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं, तो यह एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा, “बच्चे स्वस्थ होंगे तभी वे पढ़ाई कर पाएंगे. इससे राज्य की प्रगति भी होगी.”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस योजना से सरकारी स्कूल के बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है. बच्चों का अस्पताल जाना कम हुआ है. उपस्थिति रिकॉर्ड में वृद्धि हुई है. सीखने की क्षमता में भी सुधार हुआ है. मेरी एक ही इच्छा है कि तमिलनाडु हर तरह से नंबर वन बने. यहां के छात्र अच्छा पढ़ें और अच्छा खाएं. यही मेरी विनती है.”
इसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाषण दिया. उन्होंने कहा, “मुझे इस योजना के उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित होकर बहुत गर्व हो रहा है. उपमा, मसाला डोसा जैसे व्यंजन बहुत पौष्टिक होते हैं. ये छात्रों को परोसे जाते हैं. जब बच्चे भूखे होते हैं, तो वे पढ़ाई नहीं कर पाते. वे अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते. मिड-डे मील भी एक अच्छी योजना है, लेकिन चूंकि कामकाजी माता-पिता को नाश्ता बनाने में कठिनाई होती है, इसलिए मैं अपनी कैबिनेट में इस योजना पर भी विचार करूंगा.”
इस कार्यक्रम में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा, “नाश्ते की योजना कुछ विदेशों में भी अपनाई जा रही है. यह एक बेहतरीन योजना है जो न केवल छात्रों की भूख मिटा सकती है, बल्कि उनकी ज्ञान की भूख भी मिटा सकती है. मैं शिक्षकों से अनुरोध करता हूं कि वे छात्रों को न केवल स्कूल में पढ़ने दें, बल्कि उन्हें खेलने का भी मौका दें. नाश्ते की योजना ने न केवल छात्रों के कुपोषण को दूर किया है, बल्कि उनकी पढ़ने की क्षमता को भी बढ़ाया है.”