हरियाणा में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक अहम पहल की है. 25 सितंबर 2025 को पंचकूला से उन्होंने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना (DDLLY) की शुरुआत की. इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. राज्य सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी भूमिका को सशक्त करने में मददगार साबित होगी. आइए, इस योजना के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं.
दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत हरियाणा सरकार पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में भेजेगी. इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला से की. योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को मदद पहुंचाना है. सरकार का कहना है कि 1 नवंबर 2025 से पैसे महिलाओं के खातों में आने शुरू हो जाएंगे. यह योजना पहले चरण में उन महिलाओं के लिए लागू होगी जिनके परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है.
इस योजना के लिए आवेदन मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा. मुख्यमंत्री सैनी ने इस ऐप और पोर्टल को भी 25 सितंबर को लॉन्च किया है. यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध रहेगा और रजिस्ट्रेशन के लिए इसे डाउनलोड करना जरूरी होगा. बिना ऐप के आवेदन नहीं किया जा सकता. योजना के लिए कोई अलग वेबसाइट या लिंक न खोलें, केवल आधिकारिक ऐप से ही आवेदन मान्य होंगे.
लाडो लक्ष्मी योजना का आवेदन मोबाइल ऐप से किया जाएगा. रजिस्ट्रेशन के बाद एक रजिस्ट्रेशन आईडी जनरेट होगी. इसके बाद 15 दिनों के अंदर CRID टीम दस्तावेज़ों और जानकारी की जांच करेगी. दी गई जानकारी का मिलान परिवार पहचान पत्र (PPP) से होगा. इसके बाद पात्र महिलाओं की लिस्ट बनेगी और SMS के जरिए सूचित किया जाएगा. इसके साथ ही महिला से पूछा जाएगा कि वह 2100 रुपये पूरे चाहती है या कम राशि भी स्वीकार कर सकती है. फिर फाइनल लिस्ट जारी होगी.
फॉर्म भरने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज़ों की जरूरत होगी. इसमें हरियाणा का स्थायी निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, महिला विवाहित हो तो ससुराल पक्ष के सदस्यों के आधार कार्ड, बिजली बिल, HKRN नंबर (अगर बेरोजगार हैं) और परिवार में रजिस्टर्ड वाहनों की जानकारी मांगी जाएगी. सभी जानकारी PPP डेटाबेस से क्रॉसचेक की जाएगी, इसलिए उसमें कोई गलती न हो, यह सुनिश्चित करें.
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जो 23 साल या उससे अधिक उम्र की हों और कम से कम 15 साल से हरियाणा की निवासी हों. अगर महिला हरियाणा की नहीं है, लेकिन उसका पति यहां का नागरिक है और पिछले 15 साल से यहां रह रहा है, तो भी वह पात्र मानी जाएगी. पहले चरण में उन्हीं महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा जिनके परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है.
कुछ महिलाएं इस योजना की पात्र नहीं हैं. जैसे- जिनके परिवार में कोई इनकम टैक्स भरता है, सरकारी नौकरी करता है, सरकारी पेंशन लेता है, या पहले से सरकारी आर्थिक मदद पा रहा है. इसके अलावा जिन महिलाओं को विशेष योजनाओं का लाभ पहले से मिल रहा है, उन्हें भी यह सहायता नहीं मिलेगी. इनमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, और लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं.
हालांकि कुछ खास मामलों में सरकार ने छूट दी है. जैसे कैंसर की तीसरी या चौथी स्टेज की मरीज, या दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित महिलाएं, जैसे हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया. ये महिलाएं अगर अन्य किसी योजना से लाभ ले भी रही हों, तो भी इन्हें लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये मिलेंगे. यह इनकी विशेष परिस्थितियों को देखते हुए किया गया निर्णय है.
दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा की महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर है. यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी, बल्कि महिलाओं को समाज में सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर भी ले जाएगी. हालांकि सरकार को इसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना होगा. सही लाभार्थियों तक योजना पहुंचे, यह सुनिश्चित करना ही इसकी असली सफलता होगी.