हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करनाल स्थित श्रीकृष्ण गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. इस अवसर पर उन्होंने गौमाता को गुड़ और चारा खिलाकर गौसेवा की तथा सभी प्रदेशवासियों को गोपाष्टमी की शुभकामनाएं दीं.इस मौके पर गौशाला समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें गोमाता का आशीर्वाद स्वरूप प्रतीक चिह्न भेंट किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गौभक्त और ग्रामीण मौजूद रहे.

इस दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि, “गोपाष्टमी का पर्व हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो हमें करुणा, सेवा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. भगवान श्रीकृष्ण ने बाल्यावस्था में गौसेवा कर यह संदेश दिया था कि गौ माता केवल धर्म का ही नहीं, बल्कि जीवन का भी आधार हैं. गोपाष्टमी केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारी आस्था, परंपरा और मानवीय मूल्यों को जोड़ने वाला पर्व है. गोमाता का हमारे समाज में सदियों से विशेष स्थान रहा है. प्राचीन काल में जिस परिवार के पास जितनी अधिक गौधन होता था, उसे उतना ही सम्पन्न और समृद्ध माना जाता था.

आगे सीएम ने कहा कि हमारे शास्त्रों में समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में से एक कामधेनु गाय थी, जो हमारी संस्कृति और परंपरा की गौरवमयी प्रतीक है.भगवान श्रीकृष्ण ने जब गोमाता की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया, तब इंद्र देवता का अहंकार शांत हुआ और उसी समय उन्होंने श्रीकृष्ण का नाम “गोविंद” रखा. यह पर्व हमें न केवल गौसेवा के महत्व का बोध कराता है, बल्कि यह समाज में प्रेम, भाईचारे और करुणा की भावना को भी प्रोत्साहित करता है.