साधुवाली में गंग नहर के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शुक्रवार को आयोजित शताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के नहरी तंत्र को नई मजबूती देने के लिए 1717 करोड़ रुपए के पुनरुद्धार कार्यों की सौगात दी. उन्होंने महाराजा गंगा सिंह की ऐतिहासिक दूरदर्शिता को नमन करते हुए गन्ने की एमएसपी में 15 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ोतरी सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं.
भजनलाल शर्मा ने गंग नहर शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 100 वर्ष पूर्व 5 दिसंबर, 1925 को महाराजा गंगा सिंह ने रेगिस्तान को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ गंग नहर का शिलान्यास किया था. उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार ने गंग नहर के पुनरुद्धार के लिए 1717 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी है. उन्होंने कहा कि यह अवसर मरुस्थल को अन्न भंडार में बदलने की दूरदर्शी सोच का पर्व है. यह राजस्थान के सुनहरे भविष्य के निर्माण का एक सुनहरा पल है.
भजनलाल शर्मा ने कहा कि 647 करोड़ रुपए से फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण से पानी की नियमित आपूर्ति में स्थिरता आएगी और पूरे नहर तंत्र की जीवन क्षमता बढ़ेगी. साथ ही, 300 करोड़ रुपए से बीकानेर कैनाल के पुनरुद्धार से सीधे तौर पर लाखों किसानों को लाभ मिलेगा. वहीं, प्रथम चरण में 695 करोड़ रुपए से गंग नहर प्रणाली के 3.14 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र का ऑटोमेशन भी होगा. 75 करोड़ रुपए से क्षतिग्रस्त नहरों एवं नकारा खालों का पुनर्निर्माण किया जाएगा. इन कार्यों को अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की ताकत को देश की प्रगति का आधार मानते हैं. प्रदेश में सिंचाई जल की कमी को पूरा करने के लिए कई ऐतिहासिक काम किए गए हैं. नहरी तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए दो वर्षों में करीब 5 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. 1400 करोड़ रुपए के कार्य प्रगतिरत हैं और 3265 करोड़ रुपए के लिए निविदा आमंत्रित की जा चुकी है. आईजीएनपी नहरों के जीर्णोद्धार एवं पक्के खालों के निर्माण के लिए 3400 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गन्ने के वर्तमान समर्थन मूल्य को 15 रुपए बढ़ाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि गेती किस्म के गन्ने के लिए समर्थन मूल्य 401 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 416 रुपए प्रति क्विंटल, मध्यम किस्म के लिये 391 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 406 रुपए प्रति क्विंटल, पछेती किस्म के लिए 386 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 401 रुपए प्रति क्विंटल की जाती है.