सीएम योगी ने गोरखपुर सैनिक स्कूल में सीडीएस जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा का अनावरण किया

उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने मंगलवार को सैनिक स्कूल में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान सीएम ने कहा, सिकंदर, बाबर और औरंगजेब जैसे आक्रांता महान कैसे हो सकते हैं. महान महाराणा प्रताप, शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, पृथ्वीराज चौहान, झांसी की रानी, बिपिन रावत जैसे लोग हैं.

सीएम ने कहा, हमें गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलना होगा. हमें एकजुट रहना होगा. विपक्ष जातियों के नाम पर बांटने की साजिश रच रहा है. हमें सावधान रहना होगा. समाज में एकता से ही कल्याण हो सकता है. जिसको भारतीय होने पर गौरव है वो हमारा है, जिसे गौरव नहीं वो पराया है. भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए. हमारी पहचान भारतीय के रूप में होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, हम राम और कृष्ण की परंपरा को मानने वाले लोग हैं. हमारे यहां भगवत गीता और रामायण की चौपाइयां उदाहरण बनती हैं. सैनिकों के साथ देश पर मर मिटने वालों के बारे में तो यहां तक कहा जाता है कि अगर युद्ध भूमि में शहीद हो जाओगे तो स्वर्ग मिलेगा, जिओगे तो धरती पर राज करोगे. यह हर सैनिक पर लागू होता है. जनरल बिपिन रावत का जीवन समाज और राष्ट्र के युवाओं को कुछ ऐसी ही प्रेरणा देता है.

सीएम ने कहा, मैं उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. प्रतिवर्ष 8 दिसंबर की तिथि जनरल रावत और जिन्होंने देश के लिए शहादत को प्राप्त किया है, उन सभी की स्मृति को सैनिक स्कूल परिसर में यादगार बनाने वाला रहेगा.

सीएम योगी ने कहा, भारत की तीनों सेनाओं के सर्वोच्च पद पर आसीन रहने के साथ, भारत की सेना में सबसे बड़े रिफॉर्मर के रूप में कार्य करने के वाले और देश के कई महत्वपूर्ण सैन्य ऑपरेशन को अपने नेतृत्व में सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने वाले जनरल रावत, बहुत ही सरल और नेकदिल इंसान थे. जब कभी भी उनसे मुलाकात होती थी उनकी सहजता, हृदय को छू लेने वाला उनका लगाव और मातृ भूमि के प्रति समर्पण का भाव उनके एक अनुशासित सैन्य अधिकारी के स्वरूप को यादगार बना जाता था.

सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंच प्रण का जिक्र करते हुए पंच प्रण को शाश्वत मंत्र बताया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान देशवासियों के सामने लक्ष्य रखा कि 2047 में देश जब आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, तब हमें आत्मनिर्भऱ, विकसित भारत चाहिए. जहां हर व्यक्ति खुशहाल और परस्पर सौहार्द के साथ मिलकर दुनिया की महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा हो.

वहां जाति, भाषा, क्षेत्र का विवाद और अभाव न हो. कोई नागरिक आपदा का शिकार न हो. हर व्यक्ति आत्मनिर्भर व स्वावलंबन का जीवन व्यतीत करते हुए राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन कर सके. सीएम ने कहा कि भारत विकसित तब हो सकता है, जब हर व्यक्ति पंच प्रण पर ध्यान दे. सीएम योगी ने पीएम मोदी के पांचों प्रण के बारे में विस्तार से बताया.

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