हरियाणा में 6 जिलों के 17 गांवों की तहसील बदली गई, गाड़ियों की एज लिमिट तय, HCS मेंस में अब 6 पेपर होंगे

हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें 21 एजेंडे रखे गए थे. इनमें से 19 एजेंडों पर मुहर लगाई गई है.हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए कहा है कि ” 6 जिलों के 17 गांवों की तहसील बदली गई है. जनप्रतिनिधियों की मांग पर नागरिकों को जमीनी स्तर पर बेहतर सेवाएं देने के लिए ये फैसला लिया गया है. सरकार ने पहले ही इसे लेकर एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था. कमेटी ने सभी मानकों पर विचार करके गांवों को एक तहसील से दूसरी तहसील में बदलने की अनुशंसा दी थी.

मंत्रिमंडल की बैठक में टूरिस्ट परमिट के तहत चलने वाली टूरिस्ट गाड़ियों की अवधि तय करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की एनसीआर क्षेत्र में चलने वाली पेट्रोल या सीएनजी की गाड़ियों के लिए अधिकतम अवधि 12 साल तय की गई है. इसी श्रेणी में डीजल गाड़ियों के लिए अधिकतम अवधि 10 साल तय की गई है. ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के तहत नॉन एनसीआर क्षेत्र में पेट्रोल सीएनजी और डीजल गाड़ियां सभी के लिए अवधि 12 साल तय की गई है, वहीं अन्य परमिट पर एनसीआर क्षेत्र में चलने वाली पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक या दूसरे ईंधन वाली गाड़ियों के लिए अधिकतम अवधि 15 साल तय की गई है. इसके अलावा डीजल गाड़ियों के लिए अधिकतम अवधि 10 साल तय की गई है.

मंत्रिमंडल ने नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के लिए नये अधिनियम को मंजूरी दी है. वर्तमान में 87 नगरपालिकाएं हैं, जो अलग-अलग अधिनियमों के तहत संचालित हो रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए नया अधिनियम हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 2025 लाया गया है. नए एकीकृत अधिनियम का उद्देश्य सभी श्रेणियों की नगर निकायों जैसे नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं को एक ही कानूनी ढांचे के अंतर्गत लाना है.

हरियाणा राज्य अभियोजन विभाग विधिक सेवा (समूह क) नियम 2013 में संशोधन किया गया है. एग्रीगेटर लाइसेंस देने के लिए हरियाणा मोटर वाहन नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई है. एग्रीगेटर लाइसेंस देने के लिए हरियाणा मोटर वाहन नियमों में बदलाव करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. परिवहन विभाग द्वारा इन दिशा-निर्देशों को अपनाते हुए हरियाणा मोटर वाहन नियमों में बदलाव किया गया है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एग्रीगेटर जैसे- ओला, ऊबर इत्यादि 1 जनवरी 2026 से केवल ग्रीन एनर्जी पर चलने वाले वाहनों को ही अपने बेड़े में शामिल कर सकेंगे. इस बारे में एक क्लीन मोबिलिटी पोर्टल भी परिवहन विभाग द्वारा बनाया जा रहा है, जिसमें लाईसेंस धारक की सभी वाहनों का विवरण रखा जाएगा. इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण कम होगा और वायु की गुणवत्ता में भी सुधार होगा.

मंत्रिमंडल ने राज्य लेखा निदेशालय, हरियाणा के लिए ग्रुप A, B और C पदों के ड्राफ्ट सर्विस रूल्स को भी मंजूरी दी है. निदेशालय में कुल 535 पद स्वीकृत है, जिनमें ग्रुप ‘A’ के 4 पद, ग्रुप ‘B’ के 107 पद, ग्रुप ‘C’ के 395 पद, ग्रुप ‘D’ के 29 पद शामिल है.

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