मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंचकूला में विकसित भारत सुरक्षा आयाम विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय सुरक्षा सम्मेलन में शामिल हुए. इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला पुलिसकर्मियों की संख्या को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की घोषणा की है. सरकार ने 550 अतिरिक्त महिला कांस्टेबल की भर्ती की स्वीकृति भी दे दी है.विभाग में 5750 पुलिसकर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है. इनमें से 950 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. इसे लेकर सीएम नायब सैनी ने कहा कि, “समय के साथ पुलिस को एडवांस तकनीक से अपडेट रखना आवश्यक है.”
इस दौरान सीएम ने कहा कि, “पुलिस का काम केवल अपराध पर नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक के मन में सुरक्षा, भरोसे और न्याय का विश्वास पैदा करना भी है. यही विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी है. सरकार को यह विश्वास है कि विकास की गति तभी निरंतर हो सकती है, जब राज्य की कानून व्यवस्था मजबूत और निष्पक्ष हो. निवेश, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास की हर बड़ी पहल की सफलता सीधे तौर पर पुलिस की दक्षता, ईमानदारी और पेशेवर क्षमता से जुड़ी है.”

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि, “बीते नवंबर माह में रायपुर में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया. उस तीन दिवसीय सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत-सुरक्षा आयाम’ था. उस सम्मेलन में प्रधानमंत्री द्वारा रखे गए विचार सभी के लिए मार्गदर्शक हैं. वे राज्य स्तर पर पुलिस रणनीति को नई दिशा देने वाले हैं.”
मुख्यमंत्री सैनी ने ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन का जिक्र करते हुए कहा कि, “पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोहों, नशा तस्करों व साइबर अपराध के खिलाफ सफलता प्राप्त की है. ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन में 12 दिनों में 2 हजार से अधिक अपराधी गिरफ्तार किए गए. इसी प्रकार ऑपरेशन ट्रेकडाउन से अपराधियों में खौफ है. इस ऑपरेशन में 23 दिनों में 7587 अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है. साथ ही 168 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की.”
सीएम सैनी ने आगे कहा कि, “समय के साथ-साथ हमारा एडवांस तकनीक से अपडेट रहना अत्यंत आवश्यक है.” उन्होंने प्रदेश में अपराध की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी आवश्यक हिदायतें दी. CM ने कहा कि, “प्रदेश में जब भी कोई घटनाक्रम होता है तो व्यक्ति की अपेक्षा होती है कि उसे न्याय मिले और इस विश्वास को कायम रखना है. नशामुक्ति को लेकर समाज में ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. नशे को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने की भी जरूरत है, जिसके लिए सरकार द्वारा समय-समय पर नशामुक्ति अभियान के तहत साइक्लोथॉन, मैराथन और अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाए जाते हैं, जिसके सार्थक परिणाम मिले हैं. इससे पहले सम्मेलन के सत्रों में विभिन्न संवेदनशील विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गई.”
इस दौरान गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि, “पिछले वर्ष आयोजित हुई डीजी/आईजी कांफ्रेंस में 108 सिफारिशें रखी गई थीं, जिनमें से लगभग सभी सिफारिशों को लागू कर दिया गया. इस वर्ष 107 सिफारिशें रखी गई हैं, जिन्हें भी तय समय अवधि में पूरा कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला पुलिसकर्मियों की संख्या को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक करने की ऐतिहासिक घोषणा की है. विभाग में 5750 पुलिसकर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है, जिसमें से 950 महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है. इसके अलावा सरकार ने पुलिस विभाग को 550 अतिरिक्त महिला कांस्टेबल की भर्ती की स्वीकृति भी दे दी है.”
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि, “अपराध संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है. आज के समय में तकनीक जैसे सीसीटीवी आदि का इस्तेमाल करके बड़े मामलों को सुलझाने में मदद मिली है. वर्ष 2047 तक निश्चित तौर पर विकसित भारत के सपने को साकार करने में पुलिस विभाग का अहम योगदान होगा. उन्होंने विश्वास दिलाया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस जनता की आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरेगी.
इस सम्मेलन में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक समेत भारत सरकार के प्रतिनिधियों सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया.