उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (बुधवार) को पीएसी की 78वें स्थापना दिवस के मौके लखनऊ के पीएसी ग्राउंड पहुंचे. इस दौरान सीएम ने बेहतरीन कार्य करने वाले पीएसी कमांडेंट को सम्मानित किया. मुख्यमंत्री योगी ने उत्तम वाहिनी के तौर पर 32वीं वाहिनी, अति उत्तम वाहिनी के तौर पर 32वीं वाहिनी पीएसी और सर्वोत्तम वाहिनी के तौर पर 37वीं वाहिनी कमांडेंट को सम्मानित किया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएससी का 48 वर्ष का लंबा सफल रहा है. इस दौरान समर्पण व त्याग से पीएससी ने अपनी सभी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया. उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में पीएससी का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है. किसी भी आपातकाल जैसे कि प्राकृतिक आपदा, दंगा या मुख्य स्थान की सुरक्षा में पीएससी का महत्व रहा है.
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2001 में देश की संसद पर हुए आतंकवादी हमले के दौरान तीसरी वाहिनी पीएसी के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए पांच आतंकवादियों को मार गिराया था. अयोध्या में 2025 में हुए हमले में भी पीएसी जवानों ने अपना काम बखूबी निभाया था. इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने पीएसी की स्थापना दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी पर उन्हें धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 46 पीएससी कंपनियों को पुनर्जीवित करने में उत्तर प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है. सरकार पीएसी को बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर व वह संसाधन उपलब्ध करा रही है. इससे हमारा मनोबल बढ़ा हुआ है.