केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज हरियाणा के पंचकूला के दौरे पर पहुंचे और कई कार्यक्रमों में शिरकत की. सबसे पहले वे पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में सहकारी सम्मेलन में पहुंचे. उन्होंने इस दौरान जाटुसाना (रेवाड़ी) में HAFED आटा मिल का उद्घाटन किया. इसके अलावा उन्होंने सहकारी बैंकों में प्लेटिनम डेबिट कार्ड की शुरुआत भी की. साथ ही सहकारी बैंकों के लाभार्थियों को RuPay प्लैटिनम डेबिट कार्ड भी बांटे और हरियाणा KRIBHCO द्वारा स्थापित बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के अध्यक्षों को पंजीकरण प्रमाण पत्र भी वितरित किया.
अमित शाह ने कहा कि सरकार अगले दो महीने में कोऑपरेटिव सेक्टर में राइड-हेलिंग मोबिलिटी ऐप ‘भारत टैक्सी’ लॉन्च करने वाली है. देश में ड्राइवरों, ऑटो ड्राइवरों, युवाओं का एक बड़ा वर्ग है जो अपनी मोटरसाइकिलों को टैक्सी के रूप में चलाते हैं. देश में कई कंपनियां हैं जो टैक्सियों के संचालन में लगी हुई हैं लेकिन मुनाफा मालिकों को जाता है, टैक्सी ड्राइवरों को नहीं. उन्होंने कहा कि इसका मकसद कमर्शियल वाहन ड्राइवरों की प्राइवेट कंपनियों पर निर्भरता को खत्म करना होगा. सहकारिता मंत्रालय की पहल के ज़रिए हम एक या दो महीने में भारत टैक्सी लाएंगे और मुनाफे का एक-एक पैसा ड्राइवरों को जाएगा.

उन्होंने हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 24 फसलों की खरीद के लिए तारीफ की. उन्होंने कहा कि नायब सैनी जी यहां बैठे हैं, मैं तो कई बार सोचता हूं कि कहां से इतनी हिम्मत आती है. मैंने इन्हें रात में फोन किया कि आपने घोषणा पत्र में 24 फसलों को MSP पर खरीदने की बात कही है, तो ये बोले कि हां जी कर देंगे. मुझे बड़ी हैरानी हुई, ये रात में भी जग रहे थे. आज हरियाणा पूरे देश में सबसे ज्यादा मूल्य पर गन्ने की खरीद कर रहा है. नायब सैनी ने हरियाणा के हर किसान के चेहरे पर खुशी ला दी है. किसानों की खरीदी गई फसलों का पैसा 48 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है.
गुजरात में अमूल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसके जरिए हर साल 36 लाख महिलाओं को 90,000 करोड़ रुपये वितरित किए जा रहे हैं. अमूल के बारे में उन्होंने कहा कि जब इसकी स्थापना हुई थी, तब यह रोज़ 2,000 लीटर दूध इकट्ठा करता था और अब ये पूरे देश में करोड़ों लीटर दूध इकट्ठा करता है. मुझे पूरा विश्वास है कि 15 साल बाद देश में अमूल जैसी कम से कम 20 सहकारी संस्थाएं होंगी.
अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने कोऑपरेटिव सेक्टर के ज़रिए किसानों को समृद्ध बनाने की दिशा में काम किया है. सरकार ने कृषि क्षेत्र को मज़बूत किया है और कोऑपरेटिव आंदोलन के ज़रिए किसानों को समृद्ध बनाने के लिए काम कर रही है. नई कृषि नीति कृषि में पानी और रसायनों के इस्तेमाल को कम करने पर केंद्रित है. हम सभी जानते हैं कि हमारी 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है. हमारी आबादी का एक बड़ा हिस्सा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि और पशुपालन पर निर्भर है. अगर हम कृषि और पशुपालन को देखें तो ये दोनों क्षेत्र सबसे ज़्यादा रोज़गार पैदा करते हैं. अगर हम इन दोनों क्षेत्रों को कोऑपरेटिव से जोड़ते हैं, तो यह रोज़गार देने के साथ-साथ किसानों को समृद्ध भी बना सकता है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कैसे कोऑपरेटिव ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के जीवन को बदल सकता है.
अमित शाह ने कहा कि मुगलों के दौर में धर्म को स्वीकार ना करने पर जिंदा जला दिया जाता था. देश में मुगलों की समाप्ति 10 गुरुओं के कालखंड में हुई. उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने ही पूरे देश में धर्म परिवर्तन की प्रथा को बंद कराया. उन्होंने यातनाएं झेलने के बाद भी अपने इरादों को पिघलने नहीं दिया. आज भी दिल्ली का शीशगंज गुरुद्वारा उनकी याद दिलाता है. ये हमारे लिए सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है. इसलिए उन्हें हिंद की चादर कहा जाता है, सिर्फ पंजाब की चादर नहीं कहा गया. गुरुओं के चलते ही आज हम यहां है. यदि वे नहीं होते तो आज कोई भी हिंदू नहीं होता. कश्मीरी पंडितों को बचाने का भी काम उन्होंने किया था. गुरुनानक जी ने पैदल ही पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोने का काम किया था. अंगद जी ने गुरु परंपरा को जीवित किया। उनके इस योगदान को सिख धर्म और भारत कभी भुला नहीं पाएगा.