पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए. इस दौरान वह श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के सामने जमीन पर हाथ जोड़कर बैठे. करीब 40 मिनट की पेशी के दौरान मुख्यमंत्री मान ने अपनी सफाई दी.
पेशी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “एक विनम्र सिख के तौर पर, मैंने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार सुप्रीम श्री अकाल तख्त साहिब को नमन किया है. जब मैं श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुआ, तो जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मुझे मेरे खिलाफ की गई शिकायतें दिखाईं, मैंने उन्हें अच्छी तरह से समझाया. सिंह साहिब ने निर्देश दिया है कि हम 5 सिंह साहिबानों (सिख गुरुओं) को इकट्ठा करेंगे और आपके द्वारा बताए गए रास्ते और सफाई पर फैसला करेंगे और फिर आगे के निर्देश दिए जाएंगे.”

सीएम भगवंत मान ने आगे कहा कि “मैंने यह भी साफ कर दिया कि सोशल मीडिया पर यह कहानी बनाई जा रही है कि मैं श्री अकाल तख्त को चुनौती दे रहा हूं. मैंने श्री अकाल तख्त के सामने सिर झुकाया है. मैंने उनसे कहा कि ऐसा नहीं है. मुझमें ऐसा करने की न तो हिम्मत है और न ही महत्ता. मैं ऐसा कभी सोच भी नहीं सकता. सिंह साहिब ने कहा है कि हम जल्द ही इस पर फैसला लेंगे. सिंह साहिब जो फैसला लेंगे, वह आखिरी होगा.”
मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि “श्री अकाल तख्त साहिब का बुनियादी उसूल सबकी भलाई को सबसे आगे रखना है. श्री गुरु नानक देव जी के उसूलों के मुताबिक, इंसान से गलती हो सकती है, लेकिन गुरु और भगवान कभी गलती नहीं करते. जब कोई गुरु नानक के नाम पर गलती करता है, खासकर जब वह सरकारी सत्ता से जुड़ा हो, तो श्री अकाल तख्त साहिब की ड्यूटी और बढ़ जाती है.”

इस मौके पर बेअदबी के मामलों पर भी चर्चा हुई. जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने कहा कि “इस बारे में एक खास कानून बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. साथ ही, विदेश से मिली शिकायतों और विवादित वीडियो की तकनीकी जांच करके सच सामने लाया जाएगा.”
जत्थेदार ने आखिर में सभी से धार्मिक मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठने और प्यार, विनम्रता और सिख धर्म के सिद्धांतों का पालन करने की अपील की.