86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का समापन लखनऊ में, विधायी कार्यप्रणाली और संसद के महत्व पर जोर

उत्तर प्रदेश: लखनऊ में तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का समापन समारोह आयोजित किया गया. इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में देशभर के विधायी संस्थाओं के प्रमुख अधिकारी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे. लोकसभा के माननीय अध्यक्ष श्री ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष श्री सतीश महाना और विधान परिषद के सभापति श्री कुँवर मानवेन्द्र सिंह ने समारोह में भाग लिया.

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विधायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, प्रभावशाली और समग्र बनाने पर विचार-विमर्श करना था. तीन दिवसीय इस सम्मेलन में संसद और राज्य विधानसभाओं में बेहतर प्रशासन, नीति निर्माण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विभिन्न सत्र आयोजित किए गए.

उपस्थित अधिकारियों ने यह भी बताया कि देश की विविधताओं के बावजूद, भारतीय लोकतंत्र की सबसे मजबूत पहचान इसकी पारदर्शिता और सार्वजनिक विश्वास है.उन्होंने संसद को उस आस्था और भावना को जोड़ने का प्रमुख माध्यम बताया, जो पूरे भारत में साझा है.

सम्मेलन में यह चर्चा भी हुई कि विधायी संस्थाओं के कामकाज में तकनीकी नवाचार और डिजिटल समाधान लाने से न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों तक पहुंच और पारदर्शिता में भी सुधार होगा। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और सर्वोत्तम प्रथाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने के सुझाव दिए.

अधिकारियों ने उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सम्मेलन के सफल संचालन में योगदान दिया. यह सम्मेलन विधायी संस्थाओं के बीच अनुभव साझा करने और उनके कामकाज में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ.

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