उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जल्द ही कैम्पियरगंज में प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय बनाया जाएगा. यहां से जो युवा डिप्लोमा व डिग्री करेंगे, उनकी नौकरी की देश-दुनिया में गारंटी होगी.
आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण प्रदूषण की है. वायु प्रदूषण से फेफड़े खराब होंगे और धीरे-धीरे पूरा शरीर खराब हो जाएगा. जब प्रदूषण नहीं होगा तो बीमारी नहीं होगी. उन्होंने वायु प्रदूषण पर दिल्ली की चर्चा करते हुए कहा कि वहां डॉक्टर दमा रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर नही निकलने की सलाह देते हैं. यह स्थिति तब होती है जब लोग पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करते है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास भी है और दमघोंटू वातावरण से मुक्ति भी. इसी क्रम में कैम्पियरगंज में बनने जा रहा वानिकी विश्वविद्यालय पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने में और कारगर सिद्ध होगा. यह वनाच्छादन बढ़ाने और किसानों की आमदनी में वृद्धि का भी नया प्रयास होगा.
मुख्यमंत्री ने कैम्पियरगंज में बने गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि, कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है. हमारे लिए किसी ने कुछ किया तो उसके प्रति आभार व्यक्त करना हमारी जीवनशैली का हिस्सा है. गिद्धराज जटायु की मानव जाति पर बड़ी कृपा रही है. माता सीता का हरण कर ले जा रहे रावण का पहला प्रतिकार गिद्धराज जटायु ने किया था. वह सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु की सवारी भी हैं. आज केमिकल और पेस्टिसाइड्स के इस्तेमाल के चलते गिद्धराज की संख्या कम होती जा रही, वे मर रहे हैं. ऐसे में गिद्धराज के प्रति कृतज्ञता जताने और उनको संरक्षण देने के लिए कैम्पियरगंज में संरक्षण केंद्र बनाया गया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत साफ हो तो परिणाम अपने आप आ जाते हैं. अच्छी दिशा में किए गए प्रयासों से आज गोरखपुर में खाद कारखाना चालू हो चुका है. एम्स सेवाएं दे रहा है, बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है. पिपराइच में चीनी मिल दोबारा चालू हो गई है. धुरियापार में कम्प्रेस्ड बायो गैस का प्लांट लग चुका है. गीडा में उद्योग ही उद्योग नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि गोरखपुर और प्रदेश में विकास के बहुत बड़े-बड़े कार्य हो रहे हैं. विकास की सोच ही वर्तमान और भावी पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक होगी. समस्याओं की तस्वीर पहले से उनके सामने थी, इस लिए लखनऊ से उन सभी समस्याओं का समाधान भी करा दिया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगल कौड़िया ब्लॉक व कैम्पियरगंज विधानसभा क्षेत्र में आज विकास की जो स्थिति है, वह लोगों की कल्पनाओं से भी परे है. यहां कालेसर-जंगल कौड़िया बाईपास बन जाने से लोग सीधे लखनऊ पहुंच जाते हैं, वह भी सिर्फ तीन-साढ़े तीन घंटे में. चिउटहा से कुशीनगर जाने में सिर्फ आधा घंटा लगता है. क्षेत्र की हर प्रमुख सड़क फोरलेन हो गई है. बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव को भी श्रद्धापूर्वक याद किया, कहा कि 1952 से आजीवन गोरक्षपीठ से जुड़े रहे रामपति यादव 1962 में जंगल कौड़िया के प्रमुख बने और तभी इस ब्लॉक मुख्यालय की स्थापना हुई थी. उन्होंने लंबे समय तक लोगों की सेवा की.
सीएम योगी ने इस दौरान भरोहिया ब्लॉक के विकास की तारीफ करते हुए कहो कि जंगल कौड़िया के लोगों के साथ वह हमेशा खड़े हैं. विकास की हर मांग को वह पूरा करने के लिए तैयार हैं. योगी ने सभी लोगों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व शुभता का प्रतीक है.प्रदेश में कानून व्यवस्था, औद्योगिक प्रगति, रोजगार, महिला सुरक्षा और जनकल्याण के कार्यक्रम बेहतर नजर आ रहे हैं.
कैम्पियरगंज में बनने जा रहे प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय (फॉरेस्ट्री एंड हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी) की डिग्री नौजवानों के लिए नौकरी की गारंटी होगी. इस विश्वविद्यालय से डिग्री और डिप्लोमा लेकर निकलने वाले युवाओं के लिए देश और दुनिया में रोजगार के व्यापक अवसर होंगे. साथ ही यह विश्वविद्यालय अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.