उत्तर प्रदेश: प्रदेश के अन्नदाता किसानों को राहत प्रदान करते हुए ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत आयोजित सहायता राशि वितरण कार्यक्रम में लाभार्थियों को चेक वितरित किए.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ढाई लाख से ज्यादा किसानों और उनके परिवारजनों के खाते में 460 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई. इसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति राशि दी. मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा, राज्य में आपदा मैनेजमेंट में सबसे पहले ‘आपदा मित्र’ ही हो सकते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है. उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल को आगे बढ़ाने का काम किया है. खासकर 25 जिलों में NCC, NSS, NYKS, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स समेत 29,772 युवा वॉलंटियर्स को ट्रेनिंग दी गई है. उनके साथ मिलकर हमने आपदा मित्र मैनेजमेंट से जुड़े सभी प्रोग्राम को आगे बढ़ाया है. सरकार बदली तो हमने तत्काल कार्रवाई शुरू की.
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 2 लाख 51 हजार किसान परिवारों को 285 करोड़ रुपये की फसल क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई. यह सहायता उन किसानों को दी गई है, जिनकी फसल प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रभावित हुई थी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल का बीमा करवाने से आपदा की स्थिति में किसानों को आर्थिक संबल मिलता है और उन्हें नुकसान की भरपाई में सहूलियत होती है.
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी किसान को प्राकृतिक आपदा के कारण आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से कम प्रीमियम पर व्यापक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. उनकी मेहनत से ही खाद्यान्न उत्पादन संभव होता है. ऐसे में सरकार का दायित्व है कि संकट की घड़ी में वह किसानों के साथ खड़ी रहे.
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के माध्यम से भी कृषक परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे. मुख्यमंत्री ने लाभार्थी किसानों से संवाद करते हुए उन्हें योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और फसल बीमा अवश्य कराने का आह्वान किया.
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह क्षतिपूर्ति राशि किसानों के लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और भविष्य की खेती के लिए एक मजबूत आधार है.