बाबा श्याम का फाल्गुनी लक्खी मेला आज शुक्रवार से शुरू होगा. तिलक व पूजन के बाद पहले दिन लखदातार का दरबार शाम पांच बजे खुलेगा. इसके बाद श्याम सरकार एकादशी तक लगातार 271 घंटे भक्तों की फरियाद सुनेंगे.11 दिवसीय मेले को लेकर मंदिर कमेटी व प्रशासन ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली है.
मुख्य मेला मैदान 75 फीट में बनी प्रत्येक 14 लाइन में हेड कैमरे लगाए गए हैं. पीछले कई दिनों से इनका परीक्षण किया गया है, जो सफल रहा. इसके अलावा मंदिर सहित संपूर्ण मेला क्षेत्र में अच्छी गुणवक्ता वाले 400 के करीब कैमरे लगाए गए हैं और 6 ड्रोन कैमरों से पुलिस हर गतिविधि पर नजर बनाए रखेगी. मेले के दौरान हेल्पलाइन नंबर 9667600788 जारी कि गया है. मेले में किसी भी शिकायत को लेकर श्याम भक्त इस नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. यह भी हिदायत दी गई है कि इस नंबर पर मिली शिकायत यदि गलत पाई गई तो संबंधित शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मंदिर को सजाने के लिए 120 बंगाली कारीगर विशेष तौर पर खाटूश्यामजी पहुंचे हैं. वे अपने बेहतरीन शिल्प-कौशल से मंदिर को दिव्य रूप देने में जुटे हैं. उत्सव वेडिंग डिजाइन कंपनी के निदेशक अविराम पात्रा ने बताया कि मेले में मंदिर परिसर को हॉलेंड, साउथ अफ्रीका, कोलंबिया, न्यूजीलैंड, चीन, इटली, बैंकाक के हाइडेजिया, पिनोनोप्सी, इंपोशिया, डिशबर्ड, रेड बेरी, ऑर्चिड सहित 20 प्रकार की विभित्र प्रजाति के फूलों सहित भारत के गुलाब, कार्निशियन, लीली एंथोरियम्, एल्कोनिया, किशतिवाम सहित 65 किस्म के फूलों से सजाया जाएगा.
खाटू आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार पहले रींगस रोड पर नगरपालिका के सामने से गुणगान नगर के रास्ते से मुख्य प्रवेश मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा. इसके बाद श्रद्धालु खटीकान मोहल्ले से केरपुरा तिराहे से चारण मैदान में बने जिगजैग से होते हुए लखदातार मैदान में बने जिगजैग को पार करते हुए मोक्षधाम से कुमावत कृषि फार्म तक के रास्ते से गुजरेंगे. यहां से भक्तों को 75 फीट के मुख्य मेला मैदान से 14 सीधी लाइनों से मंदिर में पहुंचना होगा.
इस रूट में चारण मैदान का उपयोग तभी होगा जब भीड़ का दबाव बढ़ेगा. भक्तों को सुगमता से दर्शन की व्यवस्था दी जा रही है. इसके लिए चारण मेला मैदान में दो ब्लॉक बढ़ाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. चारण मेला ग्राउंड और लखदातार मेला ग्राउंड में छह-छह नए ब्लॉक बनाए गए हैं. अब कुल 12 ब्लॉकों के जिगजैग से गुजरते हुए श्रद्धालु 75 फीट लंबी 14 लाइनों से बाबा श्याम के दरबार तक पहुंचेंगे. खाटूश्यामजी मेले के लिए रोडवेज की ओर से 250 बसों का संचालन दो चरण में किया जाएगा. पहले चरण में सीकर डिपो की ओर से 28 फरवरी से खाटूश्यामजी के लिए बसों को नियमित रूप से चलाना शुरू किया जाएगा. दूसरा चरण सात मार्च से 12 मार्च तक पूरी मार्च से चलेगा.