पंजाब के सीएम मान ने केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा को लेने से मना कर दिया

दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा को लेने से इनकार कर दिया है.

इस संबंध में सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को ईटीवी भारत को जानकारी देते हुए बताया कि भगवंत मान को पिछले साल वाई प्लस सुरक्षा प्रदान की गई थी. लेकिन उन्होंने (मान) सीआरपीएफ द्वारा प्रदान की जाने वाली सुरक्षा स्वीकार करने से इनकार कर दिया.

इसी तरह, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने भी केंद्र सरकार की सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया. अधिकारी ने बताया, “शरद पवार को जेड सुरक्षा दी जानी थी. लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया.”

बता दें कि खतरे की समीक्षा के बाद वीआईपी और वीवीआईपी को सुरक्षा प्रदान की जाती है. गौरतलब है कि सीआरपीएफ ने 4 अप्रैल को दक्षिण अभिनेता जोसेफ विजय चंद्रशेखर की सुरक्षा का जिम्मा संभाला था. अधिकारी ने कहा, “फिल्म अभिनेता को पूरे तमिलनाडु में वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है.”

सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा शाखा द्वारा 206 लोगों को सुरक्षा प्रदान की जाती है. अधिकारी ने आगे कहा कि एजेंसी सभी वीआईपी और वीवीआईपी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैयार है, यदि ऐसी कोई व्यवस्था हो जहां केवल एक केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी को उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का काम सौंपा जाएगा.

उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय एक रणनीति पर काम कर रहा है, जिसके तहत केवल एक केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी को वीआईपी सुरक्षा प्रदान करने का कार्य सौंपा जाएगा.

गृह मंत्रालय वीआईपी सुरक्षा का पूरा जिम्मा सीआरपीएफ को सौंपने के विचार पर काम कर रहा है. इस सिलसिले में नॉर्थ ब्लॉक में कई बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें आईबी, सीआरपीएफ, एनएसजी और अन्य के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

इस मामले से जुड़े सूत्रों ने ईटीवी भारत को बताया कि यह पहल इस तथ्य के बाद की गई है कि सीआरपीएफ के संसद ड्यूटी ग्रुप (PDG) को संसद सुरक्षा ड्यूटी के लिए नियुक्त किया गया था, जिसे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) द्वारा संसद में समग्र सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी संभालने के बाद वापस ले लिया गया है.

अधिकारी ने कहा, “जब वीआईपी सुरक्षा का जिम्मा सीआरपीएफ द्वारा ले लिया जाएगा तो वीआईपी सुरक्षा प्रदान करने वाले अन्य सभी बल इस जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएंगे.” अभी तक एनएसजी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी वीआईपी सुरक्षा प्रदान करते हैं.

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