दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार बिहार के मधुबनी में सभा को संबोधित कर रहे हैं. इससे पहले पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को सुरक्षा मामलों को लेकर कैबिनेट की बैठक हुई. पीएम ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सऊदी अरब की अपनी यात्रा बीच में ही छोड़ दी और देश वापस लौट आए.
पहलगाम आतंकी अटैक में मारे गए लोगों को पीएम मोदी ने सबसे पहले श्रद्धांजलि दी. नरेंद्र मोदी ने कहा कि पंचायती राज दिवस के मौके पर पूरा देश मिथिला बिहार से जुड़ा है. बिहार और देश के विकास से जुड़ी योजनाओं का शिलान्यास हुआ है, जिससे बिहार में रोजगार के नए मौके मिलेंगे.
22 अप्रैल के पहलगाम में आतंकवादियों ने मासूम देशवासियों को जिस बेरहमी से मिला है, उससे देशवासी व्यथित हैं, दुखी है. मृतक के परिजनों के साथ पूरा देश खड़ा है. घायल जल्द स्वस्थ हो इसके लिए प्रयास जारी है. आतंकी हमले में किसी ने बेटा, किसी ने भाई तो किसी ने अपना जीवन साथी खोया है.
पीएम ने कहा कि हमारा आक्रोश एक जैसा है. ये हमला निहत्थे पर्यटकों पर नहीं बल्कि भारत की आत्मा पर देश के दुश्मनों ने हमला करने का दुस्साहस किया है. जिन्होंने ये हमला किया है उन आतंकियों को और साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलकर रहेगी. सजा मिलकर रहेगी. आतंकियों की बची-खुची जमीन को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है.
बिहार देश का पहला राज्य है, जहां महिलाओं को पंचायत में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. महिलाओं का विकास हो रहा है. सभी का विकास करना हमारा उद्देश्य है. हमारी बहन बेटियों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिले, इसकी कोशिश जारी है. सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है. बिहार में जीविका दीदी कार्यक्रम से महिलाओं का जीवन बदला है. पीएम ने कहा कि बीते दिनों ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है.
मधुबनी के झंझारपुर में पीएम ने 13,480 करोड़ रुपये की कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. साथ ही प्रधानमंत्री पीएमएवाई-ग्रामीण के 15 लाख नए लाभार्थियों को स्वीकृति-पत्र भी सौंपा गया. देश भर के 10 लाख पीएमएवाई-जी लाभार्थियों को किस्त जारी की गई. पीएम मोदी ने बिहार में 1 लाख पीएमएवाई-जी और 54,000 पीएमएवाई-यू घरों के गृह प्रवेश के अवसर पर कुछ लाभार्थियों को चाबियां भी सौंपी.