दिल्ली को मिलेगी नई पहचान, मंदिर मार्ग पर बनेगा घंटाघर, सीएम रेखा गुप्ता ने किया शिलान्यास

दिल्ली: दशकों बाद दो क्लॉक टावर बनाने की शुरुआत हुई है. लुटियंस दिल्ली यानि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) इलाके में क्लॉक टावर बनाए जाएंगे. इसकी कवायद बहुत पहले से चल रही थी, लेकिन अब जाकर निर्माण कार्य शुरू करने को हरी झंडी मिल गयी है. लगभग 27 मीटर ऊंचाई का अष्टकोणीय यह घंटाघर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) की ओर से निर्माण कराया जाएगा.

सोमवार देर शाम दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एनडीएमसी क्षेत्र में मंदिर मार्ग चौराहे पर क्लॉक टावर बनाने का काम शुरू करने के लिए शिलान्यास किया. इसके अलावा दूसरा टावर चाणक्यपुरी इलाके में बनाया जाएगा. इस परियोजना पर 1.8 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह छह महीने में बनकर तैयार हो जाएगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि क्लॉक टावर का डिजाइन मुगल, राजपूत और औपनिवेशिक स्थापत्य तत्वों का मिश्रण प्रस्तुत करेगा और यह दिल्ली में विरासत को दोबारा से सजाने की पहल है.

योजना के अनुसार, टावर का निर्माण आरसीसी राफ्ट नींव के साथ हवा और भूकंपीय बलों का प्रतिरोध करने के लिए एक मजबूत कंक्रीट संरचना के साथ किया जाएगा. इसपर वास्तुशिल्प पैटर्न के अनुसार बड़े करीने से तैयार किए गए जोड़ों के साथ ईंट क्लैडिंग (तार से कटी हुई ईंटें) लगाई जाएंगी. इसे आकर्षक रूप देने के लिए, टॉवर में काले ग्रेनाइट और अन्य उन्नत इंजीनियरिंग विशिष्टताओं के साथ एक पेडस्टल स्टोन फिनिश दिया जाएगा. क्लॉक टावर के अंदर रखरखाव के लिए स्टेनलेस स्टील की सीढ़ियों का प्रावधान किया जाएगा.

टावर में लगाई जाने वाली घड़ी अत्याधुनिक डिजाइन वाली होगी, जो लंबे समय तक टिकाऊ होगी. यह हर मौसम के अनुकूल होगी, जो बैकलिट और फ्रंटलिट में रोशनी देगी और कंपन प्रतिरोधी फिटिंग के साथ आधुनिक तकनीक से लैस होगी. टावर में लगाई जाने वाली यह घड़ी सांस्कृतिक परिदृश्य को निखारेगी, पर्यटकों को आकर्षित करेगी और दिल्ली की सुंदरता में चार चांद लगा देगी.

क्लॉक टावर की मुख्य विशेषताएं –

  1. इसका कंक्रीट ढांचा हवा और भूकंपीय दोनों ही शक्तियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो एक मजबूत आरसीसी राफ्ट नींव पर टिका होगा. इसके आगे के हिस्से में सावधानीपूर्वक तैयार किए गए जोड़ों के साथ तार-कट ईंटों की क्लैडिंग होगी, जबकि पेडस्टल को झागदार काले ग्रेनाइट से सजाया जाएगा.
  2. एंटी-स्किड फिनिश और सुरक्षा रेलिंग वाली स्टेनलेस स्टील की सीढ़ियां आंतरिक रखरखाव को आसान बनाएंगी. इसके शीर्ष पर, कंपन-रोधी तकनीक का उपयोग करके एक अत्याधुनिक, मौसम-रोधी घड़ी लगाई जाएगी, जिसे सटीकता, दीर्घायु और दृश्यता के लिए डिजाइन किया गया है जो प्रकाश से जगमगाएगी.
  3. बाहरी भाग 150 मिमी मोटी कस्टम पत्थर की नक्काशी से समृद्ध होगा, जिसे वास्तुशिल्पीय पूर्णता के लिए तराशा और पॉलिश किया गया है. विद्युत और प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था रात के समय आकर्षण और घड़ी के सुचारू संचालन दोनों को सुनिश्चित करेगी.

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