सीएम योगी ने लखनऊ में 3 दिवसीय रोजगार महाकुंभ 2025 का शुभारंभ किया

उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में श्रम विभाग की ओर से आयोजित 3 दिवसीय रोजगार महाकुंभ 2025 के शुभारंभ पर लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी बांटे. वहीं पहले दिन के रोजगार मेले में कई बदइंतजामी भी देखने को मिली. धक्का मुक्की भी हुई.

सीएम योगी ने आगे कहा कि यूपी पहला ऐसा राज्य बन रहा है, जहां पर काम करने वाले सभी युवाओं को न्यूनतम वेतन की गारंटी मिलेगी. यूपी की प्रतिभाओं की मांग देश-दुनिया में है. यूपी जो कभी रोजगार के लिए पलायन का दंश झेलता था, आज वही रोजगार उपलब्ध करा रहा है. यह परिवर्तन बीते 8 वर्षों में हुए सुनियोजित प्रयासों का परिणाम है.

यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन रोजगार और विकसित भारत के संकल्प का हिस्सा है. हर युवा को उसकी योग्यता के अनुसार काम मिलना जरूरी है, जहां अवसर मिला, वहां युवाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार से एमएसएमई यूनिट्स का रजिस्ट्रेशन करवाने वाले उद्यमियों को 5 लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर मिल रहा है. यदि प्रत्येक यूनिट 2 से 10 युवाओं को रोजगार दे रही है तो लाखों-करोड़ों लोग प्रदेश में सम्मानजनक काम पा रहे हैं. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार कर रहा है.

परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को सम्मान देने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान और पीएम विश्वकर्मा योजनाएं लागू की गईं हैं. बीते 8 वर्षों में पारदर्शिता के साथ 8.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं हैं. इसमें पुलिस विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पीडब्ल्यूडी और विश्वविद्यालयों में भी बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुईं हैं. पिछले 8 वर्षों में 33 से अधिक सेक्टोरियल पॉलिसी लागू की गईं.

इन्वेस्ट यूपी पोर्टल, निवेश मित्र और सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के जरिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई. परिणामस्वरूप 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश जमीन पर उतरे हैं और 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के हितों की रक्षा और उद्योगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए श्रम कानूनों में सुधार किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से श्रमिक का शोषण नहीं होने दिया जाएगा. श्रमिक का पूरा वेतन मिलना अनिवार्य होगा, जबकि अतिरिक्त चार्ज सरकार अपने स्तर पर वहन करेगी.

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