पूर्व उपराष्ट्रपति स्व.भैरों सिंह शेखावत की जयंती पर गुरुवार को श्रद्धांजलि दी गई. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, डिप्टी सीएम दीया कुमारी सहित भाजपा के कई बड़े नेताओं ने विद्याधर नगर स्थित स्मृति स्थल पहुंच कर पूर्व उपराष्ट्रपति और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भैरों सिंह शेखावत की जयंती पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मदन राठौड़ ने स्वर्गीय भैरों सिंह शेखावत के पार्टी और राजस्थान में दिए योगदान को याद किया.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में कहा कि स्व. शेखावत ने राष्ट्रवाद की भावना से ओतप्रोत होकर देश और प्रदेश की मजबूती और जनसेवा के माध्यम से गरीब के उत्थान का कार्य किया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरित होकर राजस्थान में अंत्योदय योजना के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सहारा देकर आगे बढ़ाने का काम किया था. साथ ही, महात्मा गांधी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को भी आगे बढ़ाया.
भजनलाल ने कहा कि अंत्योदय की परिभाषा उन्होंने राजस्थान से लेकर देश के अंदर देने काम किया. उन्होंने राजस्थान में पहली बार अंत्योदय योजना लाकर अंतिम पंक्ति बैठे व्यक्ति को सहारा कैसे मिल सकता है ? वह कैसे बढ़ सकता है ? उसके लिए काम किया. निश्चित रूप से आज उनकी जयंती पर हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है. उनकी कई किताबें हैं जिन्होंने उनके वर्णन को पढ़ेंगे तो देखेंगे कि उनकी सोच कितनी बड़ी थी. उस सोच के आधार पर वह राजस्थान और देश को जो दिशा दी निश्चित रूप से वह स्मरणीय है.
उधर, पूर्व उपराष्ट्रपति स्वर्गीय भैरों सिंह शेखावत की जन्म जयंती पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ एवं और पदाधिकारियों ने प्रदेश कार्यालय पर पुष्पांजलि अर्पित की. इस दौरान मदन राठौड़ ने कहा कि स्वर्गीय भैरों सिंह ने राजनीति को नई दिशा दी. उन्होंने किस तरह से राजनीति की जाती है, उसकी एक अपनी अलग मिशाल कायम की. शेखावत राजस्थान के एक मात्र से नेता रहे हैं, जिनका कोई शत्रु नहीं रहा. वह हमेशा अजातशत्रु रहे हैं. देश और प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे हुए व्यक्ति तक किस तरह से सरकार की योजनाएं पहुंचे, यह अंत्योदय के तहत शेखावत में करके बताया. राठौड़ ने कहा कि शेखावत के विचार और उनके राजनीतिक के तरीके आज की मौजूदा राजनीति के हर नेता को सीखना चाहिए.