पंजाब की राजनीति में नवजोत कौर सिद्धू के ‘500 करोड़ रुपए में मुख्यमंत्री बनने’ वाले बयान को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. बयान के बाद सियासी हमले तेज हो गए हैं और अब सुरक्षा की मांग पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखा पलटवार किया है.
बीते दिन डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपने बयान के बाद जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अगर किसी को जान का खतरा महसूस हो रहा है, तो पहले सोच-समझकर बोलना चाहिए था. मान ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता पहले जो मन में आता है, उलटे-सीधे बयान दे देते हैं और फिर सरकार के पास आकर कहते हैं कि उनकी जान को खतरा है.
मुख्यमंत्री ने नवजोत कौर सिद्धू पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान से तो कांग्रेस के भीतर ही कुर्सियों के रेट तय हो गए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री, मंत्री और विभागों के रेट ऐसे बताए जा रहे हैं जैसे मंडी में फसलों के भाव लगते हैं.
इस पूरे मामले में राजनीति लगातार गरमाती जा रही है. इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और मुख्यमंत्री भगवंत मान, दोनों ही नवजोत कौर सिद्धू के बयान पर तीखे हमले कर चुके हैं. जवाब में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने भी सरकार से लेकर विपक्ष तक सभी पर निशाना साधा था और कहा था कि सच्चाई सामने लाने पर उन्हें निशाने पर लिया जा रहा है.
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने सिद्धू की फाइलें रोक रखी थीं, ऐसा क्यों किया. उन्होंने कहा, “कैप्टन के सीएम रहते हुए पंजाब के विकास के लिए कई अहम प्रोजेक्ट रोके गए, ये पंजाब के विकास के लिए काफी अहम थे.” उन्होंने कहा कि मेरे इतने सवाल हैं, जो 100 ट्वीट में भी नहीं आ सकते.
नवजोत कौर सिद्धू ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान जी मुझे लगता है कि अब मुझे कुछ सुरक्षा की जरूरत है. मेरी सुरक्षा की जिम्मेदारी आपकी है. कृपया यह भी बताएं कि पंजाब के राज्यपाल के सामने मैंने जो मुद्दे उठाए, उस पर आपका कोई जवाब क्यों नहीं आया. आप शराब और माइनिंग माफिया को क्यों संरक्षण दे रहे हैं.”
उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी बोला. कौर ने ‘एक्स’ पर पूछा, “कैप्टन जी, आपके सामने मेरे इतने सवाल हैं कि ये 100 ट्वीट में भी नहीं आ सकते. आप कुछ फाइलों को नवजोत सिद्धू से बंद करवाना चाहते थे. जिसके बाद उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. इसमें सिटी सेंटर केस की फाइल, शिवालिक की प्रतिबंधित रेंज के आसपास जमीनों के रजिस्ट्रेशन, आपके विदेशी लिंक और डील, आपकी अरूसा आलम वाली कहानी, जो हमारे केंद्रीय गृह मंत्री की वजह से खत्म हुई… शामिल है.