पंजाब सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने और उसमें बदलाव करने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है.
पंजाब विधानसभा के सेशन में अलग-अलग चुनाव क्षेत्रों से आम आदमी पार्टी के विधायक, मनरेगा वर्कर के विरोध पत्र लेकर विधानसभा पहुंचे हैं. बता दें कि केंद्र सरकार ने MGNREGA का नाम बदलकर विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-G RAM G) कर दिया है.
पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन के दौरान, AAP MLA मनविंदर सिंह ग्यासपुरा कॉपियों का बैग लेकर विधानसभा पहुंचे. उन्होंने कहा कि, आज वे यहां अपने मनरेगा मजदूरों की दिक्कतें लेकर आए हैं, जो एक टाइम का खाना पाने के लिए भी जूझ रहे हैं. मजदूरों के घरों में खाना नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी छीन ली है. आज वे उन नरेगा मजदूरों की अपील लेकर आए हैं. उन्होंने कहा कि, ये सैकड़ों चिट्ठियां जो NREGA मज़दूरों ने लिखकर उन्हें भेजी हैं.
उन्होंने कहा कि, उनका अनुरोध, हमारी पुकार, हमारे दलित समुदाय की आवाज, गरीब लोग, पंजाब के 35 प्रतिशत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोग जो NREGA में काम करते हैं, यह उनका दर्द है जो हम यहां लेकर आए हैं, ताकि यह दर्द स्पीकर के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचे.”
आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘यह स्पेशल सेशन सिर्फ इसलिए बुलाया गया है क्योंकि केंद्र की भाजपा सरकार अंबानी और अडानी से दोस्तों की है. उन्होंने कहा कि, यह किस तरह से देश के करोड़ों लोगों के पेट पर लात मार रही है और MGNREGA स्कीम में बदलाव करके अरबपतियों की सरकार लोगों को भूखा मारने की कोशिश कर रही है.
अमन अरोड़ा ने कहा कि, पंजाब में 30 लाख लोग MGNREGA के तहत काम कर रहे हैं. लेकिन, भाजपा उद्योगपतियों की सरकार है, जो गरीबों की रोजी-रोटी छीनने जा रही है. वे आज विधानसभा सेशन में 10 लाख मजदूरों के पत्र पेश करेंगे. वह केंद्र सरकार को साफ कर देना चाहते हैं कि, नए स्कीम को कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि, मनरेगा स्कीम दुनिया की सबसे बड़ी और कामयाब स्कीम है. इसे बदलने की क्या जरूरत है.
इस मौके पर AAP पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि, केंद्र की भाजपा सरकार हमेशा से किसान और मजदूर विरोधी रही है. उन्होंने कहा कि, आज पंजाब विधानसभा के जरिए हम केंद्र के काले कानून को रद्द करेंगे और लाखों MGNREGA मजदूरों की आवाज़ केंद्र तक पहुंचाएंगे.
गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस के सीनियर लीडर प्रताप सिंह बाजवा ने हाल ही में स्पीकर कुलतार सिंह संधवान को पत्र लिखकर रेगुलर सेशन की जगह ‘क्यूरेटेड स्पेशल सेशन’ लाकर विधानसभा को ‘योजनाबद्ध तरीके से कमजोर’ करने पर चिंता जताई थी. पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता ने संधवान से अपील की कि वे हाउस के कॉन्स्टिट्यूशनल गार्डियन के तौर पर काम करें और रूल्स ऑफ प्रोसीजर एंड कंडक्ट ऑफ़ बिजनेस के तहत तय सालाना कम से कम 40 सिटिंग्स पक्का करें.
अपने पत्र में बाजवा ने कहा कि उन्होंने हाउस की सिटिंग्स की संख्या में भारी कमी की ओर बार-बार ध्यान दिलाया है, लेकिन इन चेतावनियों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है. इससे पहले भाजपा नेता अश्विनी शर्मा ने कहा कि AAP ने एक और स्पेशल सेशन बुलाया है. आम आदमी पार्टी की सरकार पिछले चार साल से पंजाब में सत्ता में है. यह सरकार डेमोक्रेसी की शरण लेकर डेमोक्रेसी की हत्या कर रही है.
उन्होंने कहा कि, स्पेशल सेशन के बजाय, उसे बजट सेशन बुलाना चाहिए था. यह स्पेशल सेशन सिर्फ एक औपचारिकता है. उन्होंने कहा कि, इस स्पेशल सेशन से कुछ खास हासिल नहीं होगा, यह सिर्फ समय और पैसे की बर्बादी है. उन्होंने कहा कि, सत्र पंजाब में खराब कानून व्यवस्था की स्थिति पर बुलाया जाना चाहिए था, न कि MGNREGA के मुद्दे पर बुलाया जाना चाहिए था.