उत्तराखंड में लंबे समय से चल रहे अंकिता भंडारी हत्याकांड में आखिरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान सामने आया है. उन्होंने वीआईपी और सीबीआई जांच पर अपनी बात रखी है. वहीं मीडिया के सवालों के जवाब भी दिए. सीएम धामी ने कहा कि वो अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिलेंगे. वो जैसी जांच कहेंगे, वैसी जांच कराएंगे.
उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जहां एक तरफ पूरे प्रदेश की जनभावनाएं उग्र हो रही हैं, तो वहीं आज पहली दफा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले पर सरकार का पक्ष रखा. दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जीबी राम जी पर प्रेस वार्ता की थी.
इस दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अंकिता भंडारी हत्याकांड में उर्मिला सनावर के वीडियो को लेकर भी सवाल किए, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वो खुद इस विषय पर बात करना चाह रहे थे. उन्होंने सभी पत्रकारों से कहा कि जिसके मन में जो भी सवाल है, वह खुलकर पूछे वह जवाब देने के लिए तैयार हैं.
अंकिता भंडारी हत्याकांड में सामने आए नए घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि जब यह घटनाक्रम हुआ था, उसके बाद तत्काल ही सरकार द्वारा SIT का गठन कर दिया गया था. SIT का जिस अधिकारी ने नेतृत्व किया था, वह अधिकारी आज खुद डेपुटेशन पर सीबीआई में तैनात हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि इस मामले में अगर एक प्रतिशत भी सच्चाई है, तो उसको लेकर सरकार पूरी तरह से जांच के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों द्वारा इस नए घटनाक्रम को सामने रखा गया है, उन लोगों से लगातार कहा जा रहा है कि वह सबूत लेकर आएं. उनके सबूत की जांच की जाएगी, अगर वह तथ्यात्मक पाए जाते हैं तो जो भी उचित कार्रवाई होगी. इसके अलावा उन्होंने एसआईटी जांच को लेकर यह भी कहा कि अंकिता के हत्यारों को कानून की सबसे सख्त सजा उम्र कैद हो चुकी है. यदि इस मामले में कोई और व्यक्ति होता तो निश्चित तौर से वह उन लोगों का नाम जरूर लेते.
अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में वीआईपी के सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहली जांच में भी ये बात सामने आई थी. पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कोर्ट में जमा की है. कोई भी देख सकता है कि ये जांच कैसे आगे बढी.
उन्होंने कहा कि इस बात पर सवाल खड़ा करना कि अंकिता भंडारी ने आत्महत्या की है, यह कहीं ना कहीं अपराधियों को दोष मुक्त करने का षड्यंत्र नजर आ रहा है. जिस तरह से कांग्रेस लगातार प्रदेश में माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है, निश्चित तौर से उसका पर्दाफाश होगा. जिस तरह से लोगों की संवेदना और भावनाओं से खेलते हुए कांग्रेस इस मामले को दुष्प्रचारित कर रही है, उसके खिलाफ जिस व्यक्ति को बदनाम किया जा रहा है वह कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे.
इसके अलावा सीबीआई जांच पर मुख्यमंत्री ने पहले से सस्पेंस बनाकर रखा. उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच के सवाल पर वह आखिरी में जवाब देंगे. अंकिता भंडारी केस के तमाम सवालों के जवाब देने के बाद जब आखिरी में मुख्यमंत्री से पूछा गया कि वह इस मामले में क्या सीबीआई जांच कराएंगे या फिर सरकार किस तरह से इस मामले में आगे कार्रवाई करेगी.
इसको लेकर उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर सबसे पहले अंकिता भंडारी के माता और पिता से मिलेंगे और उनसे बात करेंगे वह क्या चाहते हैं? उनसे पूछेंगे और जो भी उनके माता-पिता की मांग होगी, उसको पूरा करेंगे.