प्रदेश में गौ संरक्षण, संवर्धन और पशुधन विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘गौ सेवा नीति-2026’ लाने की तैयारी कर रही है, जिससे गौ सेवा और गौ कल्याण के कार्यों को नई गति मिलेगी. वहीं, किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आगामी वर्ष से गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अतिरिक्त 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है.
नई नीति का उद्देश्य गोधन के संरक्षण और विकास के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. इससे किसानों और पशुपालकों को आर्थिक संबल मिलेगा और पशुधन आधारित आजीविका को बढ़ावा मिलेगा. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि यह पहल किसान, महिला, युवा और मजदूर के समग्र कल्याण को प्राथमिकता दी गई है.
सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने दो वर्ष से अधिक के कार्यकाल में पशुधन संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहलें की है. मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक सहायता और सुरक्षा प्रदान की गई है. इसके साथ ही पंजीकृत गौशालाओं में बड़े पशुओं के लिए प्रतिदिन 50 रुपये तथा छोटे पशुओं के लिए 25 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है, जिससे गौ संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिली है.
कृषक कल्याण के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष 9 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है. अब तक लगभग 11 हजार करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए जा चुके हैं. वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये का कृषि बजट निर्धारित किया गया है.
किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आगामी वर्ष से गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अतिरिक्त 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है. इस फैसले के बाद किसानों को गेहूं के लिए 2,735 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य प्राप्त होगा. राज्य सरकार का यह निर्णय संकल्प पत्र के उस वादे को भी पूरा करता है, जिसमें गेहूं की खरीद 2,700 रुपये प्रति क्विंटल पर सुनिश्चित करने की बात कही गई थी. उन्होंने बताया कि इन कदमों से पशुधन विकास, गौ संरक्षण और कृषक कल्याण को नई दिशा मिलेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक सशक्त बनेगी.