सीएम योगी ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बांटे 69 हजार से अधिक स्मार्टफोन

उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के 3.10 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है. सीएम योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र स्मार्ट हो रहे हैं और अब इन कार्यकर्ताओं का मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने अधिकारियों को कहा है कि वह जल्द से जल्द नए प्रस्ताव तैयार करें. हम एक और भव्य आयोजन करेंगे जिसमें मानदेय बढ़ाने की घोषणा की जाएगी.

राजधानी लखनऊ के लोक भवन सभागार में सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सेविकाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया. इस मौके पर उन्होंने 69,804 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ किया. साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दो लाख से अधिक ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस (स्टैडियोमीटर, इन्फैंटोमीटर और वेटिंग स्केल) भी सौंपे.

कार्यक्रम के दौरान 18,440 नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए. इसके अलावा 450 करोड़ की लागत से 3,170 नए आंगनवाड़ी केंद्र भवनों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया. साथ ही 140 बाल विकास परियोजना कार्यालय भवनों का भी शिलान्यास किया गया. मुख्यमंत्री ने नए आंगनबाड़ी भवनों के डिजाइन का विमोचन भी किया और 71 बाल विकास परियोजनाओं के कार्यालयों का शिलान्यास किया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहनों और एएनएम को कोविड-19 महामारी के दौरान फ्रंटलाइन वॉरियर्स के रूप में याद किया. उन्होंने कहा, विपत्ति के समय, जब पूरी दुनिया पस्त थी, तब ये हमारे फ्रंटलाइन वर्कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतार रही थीं. सीएम योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को यशोदा माता की भूमिका से जोड़ते हुए कहा कि प्री-प्राइमरी बच्चों के लालन-पालन में इनकी भूमिका ठीक उसी तरह है, जैसे यशोदा माता ने भगवान कृष्ण का पालन-पोषण किया.

सीएम योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुपोषण और बीमारियों से लड़ने के लिए बच्चों के साथ एक सारथी की भूमिका निभा रही हैं. आप लोग भारत के नींव के पत्थरों को गढ़ रही हैं. अपनी इस भूमिका को पहचानिए.

मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले यूपी में पुष्टाहार वितरण का काम उत्तर भारत के सबसे बड़े शराब माफिया को सौंपा गया था. वही तय करता था कि किस बच्चे को कितना पुष्टाहार मिलेगा. शराब माफिया को यह काम देने वाले वही लोग थे जो आज जाति के नाम पर समाज को बांट रहे हैं. 2017 के बाद स्थिति बदली और कुपोषण से लड़ाई में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में सुधार हुआ. अब कुपोषण से निकलकर सुपोषण की ओर बढ़ रहे हैं.

योगी ने कहा कि नए स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 137 करोड़ रुपये की लागत से भवनों का निर्माण किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्मार्ट आंगनवाड़ी केंद्रों की ट्रेनिंग पूरी होते ही एक भव्य समारोह में कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया जाएगा. उन्होंने कहा, अब स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र हैं, इसलिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए.

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभाग की मंत्री प्रतिभा शुक्ला पर चुटकी लेते हुए कहा कि आज उन्होंने गाना क्यों नहीं गाया. इस कार्यक्रम से आंगनबाड़ी व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. स्मार्टफोन के जरिए कार्यकर्ताएं रियल-टाइम डेटा अपलोड कर सकेंगी. बच्चों के पोषण की बेहतर निगरानी हो सकेगी और योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित होगा. ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस से बच्चों के स्वास्थ्य की सटीक जांच संभव होगी, जिससे कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा.

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