समझौता ज्ञापन (MoU) में भारत में बहु-गीगावॉट AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए जैबिल और अडानी के बीच प्रस्तावित संयुक्त उद्यम की रूपरेखा तय की गई है. इसमें AI रैक, सर्वर, नेटवर्किंग, बिजली और कूलिंग सिस्टम शामिल होंगे.
प्रस्तावित संयुक्त उद्यम का लक्ष्य भारत में डेटा सेंटर की तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करना है. उद्योग के अनुमानों के अनुसार, 2030 तक भारत की डेटा सेंटर क्षमता 5–8 गीगावॉट तक पहुंच सकती है और डेटा सेंटर, क्लाउड तथा AI इकोसिस्टम में हाइपरस्केल कंपनियों द्वारा 50 अरब डॉलर से अधिक खर्च की योजना है. कंपनियों का अनुमान है कि AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश के कारण अगले सात वर्षों में वैश्विक बाजार का अवसर 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक होगा.
स्थापित होने के बाद यह संयुक्त उद्यम हाइपरस्केल कंपनियों, नियो-क्लाउड कंपनियों, डेटा सेंटर ऑपरेटरों और उद्यमों सहित दुनिया के प्रमुख AI इकोसिस्टम प्रतिभागियों को सेवाएं देगा. इसका उद्देश्य भारत में निर्मित इंफ्रास्ट्रक्चर भारत और दुनिया, दोनों के लिए उपलब्ध कराना है.
नई दिल्ली, भारत और सेंट पीटर्सबर्ग, फ्लोरिडा, अमेरिका, 13 अक्टूबर 2026:
अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) और वैश्विक इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन तथा विनिर्माण कंपनी जैबिल इंक. (NYSE: JBL) ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर उपकरणों के विनिर्माण एवं असेंबली के लिए 50:50 संयुक्त उद्यम की प्रस्तावित रूपरेखा तय करने वाले गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.
प्रस्तावित संयुक्त उद्यम के लिए अंतिम समझौतों पर हस्ताक्षर, लागू अनुमोदन प्राप्त करना और सामान्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक होगा.
यह MoU जून 2026 में अडानी समूह और जैबिल द्वारा भारत में AI तथा डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर विनिर्माण इकोसिस्टम विकसित करने के लिए रणनीतिक गठबंधन बनाने की मंशा की घोषणा के बाद आया है.
अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने कहा:
“AI क्रांति के लिए केवल एल्गोरिदम में नई खोजें पर्याप्त नहीं होंगी. इसके लिए एक नई औद्योगिक संरचना की आवश्यकता होगी, जहां ऊर्जा, हाइपरस्केल इंफ्रास्ट्रक्चर, उन्नत कंप्यूटिंग और सटीक विनिर्माण एक साथ मिलकर इंटेलिजेंस इकोनॉमी को शक्ति प्रदान करेंगे.”
“अडानी में हमारा दृष्टिकोण AI इंफ्रास्ट्रक्चर को ऊर्जा देने और उसकी मेजबानी करने से आगे बढ़कर मूल्य शृंखला में विस्तार करना है. हम उन महत्वपूर्ण प्रणालियों की इंजीनियरिंग और विनिर्माण करना चाहते हैं, जो कंप्यूटिंग की अगली पीढ़ी को परिभाषित करेंगी.”
“जैबिल के साथ हमारा प्रस्तावित संयुक्त उद्यम इस भविष्य की दिशा में एक रणनीतिक कदम है. इसमें जैबिल की विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमताओं को ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में अडानी की एकीकृत ताकत के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि वैश्विक AI अर्थव्यवस्था की भौतिक आधारशिला तैयार करने में मदद मिल सके.”
जैबिल इंक. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) माइक डास्टूर ने कहा:
“इस MoU पर हस्ताक्षर भारत में बड़े पैमाने पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर विनिर्माण प्लेटफॉर्म स्थापित करने के हमारे साझा प्रयासों की दिशा में अगला कदम है. हमारा मानना है कि घरेलू और वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग के लिए भारत का महत्व लगातार बढ़ेगा. जैबिल के 60 वर्षों के इंजीनियरिंग और विनिर्माण अनुभव को अडानी की व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षमताओं के साथ जोड़कर हम अपने रैक-स्तरीय डेटा सेंटर समाधान भारत और दुनिया भर की अधिक हाइपरस्केल कंपनियों तक पहुंचा सकते हैं. हम जून में शुरू हुए काम को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं.”
भारत में AI हार्डवेयर का विनिर्माण
संयुक्त उद्यम डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले AI रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरणों का विनिर्माण और असेंबली करेगा. इन रैक में AI एप्लिकेशन और अन्य डिजिटल सेवाओं के लिए उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग सिस्टम लगाए जाएंगे.
उत्पाद पोर्टफोलियो में इन प्रणालियों को बिजली देने और ठंडा रखने के लिए आवश्यक उपकरण भी शामिल होंगे, जिनमें पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट, लिक्विड-कूलिंग सिस्टम और ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं.
इस उद्यम में कई गीगावॉट की AI रैक विनिर्माण क्षमता विकसित होने की उम्मीद है. इससे कई गीगावॉट की संयुक्त बिजली क्षमता वाले कंप्यूटिंग सिस्टम को सहायता मिलेगी. उद्यम स्थापना और कमीशनिंग सेवाएं भी प्रदान करेगा.
भारत में डेटा सेंटर के अवसर
AI को अपनाने, क्लाउड सेवाओं के विस्तार और डेटा स्थानीयकरण के कारण भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 5–8 गीगावॉट पहुंचने का अनुमान है.
यह उद्यम घरेलू मांग पूरी करने और निर्यात को समर्थन देने के लिए भारत में विनिर्माण आधार उपलब्ध कराएगा. कंपनियों का अनुमान है कि AI कंप्यूटिंग में निवेश के कारण अगले सात वर्षों में वैश्विक बाजार का अवसर 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक होगा.
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023, व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है. इसके साथ केंद्रीय बजट 2026 में डेटा सेंटरों के लिए 2047 तक घोषित कर अवकाश से घरेलू डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को समर्थन मिलने की उम्मीद है.
यह उद्यम अडानी समूह की 2035 तक 5 गीगावॉट क्षमता वाले, हरित ऊर्जा से संचालित हाइपरस्केल और AI-तैयार डेटा सेंटर विकसित करने की 100 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता के अनुरूप है. प्रस्तावित उद्यम इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर के क्षेत्रों में समूह की मौजूदगी में हार्डवेयर विनिर्माण को भी जोड़ेगा.
वित्त वर्ष 2026 में 36 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज करने वाली जैबिल के लिए यह उद्यम भारत के डेटा सेंटर बाजार में उसकी इंजीनियरिंग और विनिर्माण उपस्थिति का विस्तार करेगा. कंपनी ने हानले एनर्जी ग्रुप के अधिग्रहण के जरिए भी अपनी डेटा सेंटर क्षमताओं का विस्तार किया है. यह समूह महत्वपूर्ण बिजली और ऊर्जा प्रबंधन समाधान प्रदान करता है. जैबिल ने माइक्रोस टेक्नोलॉजीज का भी अधिग्रहण किया है, जो उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग सिस्टम के लिए लिक्विड-कूलिंग समाधान में विशेषज्ञता रखती है.
अडानी समूह के बारे में
अहमदाबाद, भारत में मुख्यालय वाला अडानी समूह देश के सबसे बड़े एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर समूहों में से एक है. इसके कारोबार में संसाधन, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, कृषि, रियल एस्टेट, सार्वजनिक परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर, उपभोक्ता वित्त और रक्षा शामिल हैं. ‘राष्ट्र निर्माण’ और ‘सद्भाव के साथ विकास’ के मूल दर्शन से प्रेरित समूह सतत विकास और क्षेत्रीय बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है. अधिक जानकारी: www.adani.com
मीडिया संपर्क: रॉय पॉल | roy.paul@adani.com
जैबिल के बारे में
जैबिल (NYSE: JBL) दुनिया के प्रमुख ब्रांडों की विश्वसनीय भागीदार है और व्यापक इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन तथा विनिर्माण समाधान प्रदान करती है. विभिन्न उद्योगों में 60 वर्षों के अनुभव और दुनिया भर में 120 से अधिक स्थानों के नेटवर्क के साथ, जैबिल वैश्विक पहुंच और स्थानीय विशेषज्ञता को जोड़कर बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले तथा ग्राहकों की जरूरत के अनुरूप समाधान उपलब्ध कराती है. कंपनी पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने वाली सतत प्रक्रियाएं विकसित करने और दुनिया भर में विविध एवं जीवंत समुदायों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है. अधिक जानकारी: www.jabil.com
मीडिया संपर्क: तिमूर आयदीन, वरिष्ठ निदेशक, एंटरप्राइज मार्केटिंग एवं कम्युनिकेशंस | publicrelations@jabil.com
भविष्य–संबंधी वक्तव्य
इस विज्ञप्ति में भविष्य-संबंधी वक्तव्य शामिल हैं, जिनमें अडानी समूह के साथ संभावित रणनीतिक सहयोग से जुड़े वक्तव्य भी शामिल हैं. ये वक्तव्य मौजूदा अपेक्षाओं, पूर्वानुमानों और अनुमानों पर आधारित हैं. इनमें जोखिम और अनिश्चितताएं शामिल हैं, जिनके कारण वास्तविक परिणाम वर्तमान अपेक्षाओं से काफी अलग हो सकते हैं.
इन वक्तव्यों पर अन्य बातों के अलावा, ऐसे किसी घटनाक्रम, बदलाव या परिस्थिति का प्रभाव पड़ सकता है, जिसके कारण गठबंधन पर काम समाप्त हो जाए; सहयोग से संबंधित बाध्यकारी समझौते पर संतोषजनक बातचीत या हस्ताक्षर न हो पाएं; संभावित गठबंधन से अप्रत्याशित लागत या देनदारियां उत्पन्न हों; आर्थिक, बाजार, राजनीतिक या सामाजिक परिस्थितियों में बदलाव आए; अथवा भविष्य की नियामकीय या विधायी कार्रवाइयां पक्षों पर प्रतिकूल प्रभाव डालें.
ऐसे अंतर पैदा करने वाले अतिरिक्त कारकों की जानकारी 31 अगस्त 2025 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए जैबिल की वार्षिक रिपोर्ट (Form 10-K) और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) में कंपनी द्वारा दाखिल अन्य दस्तावेजों में उपलब्ध है. जैबिल इन भविष्य-संबंधी वक्तव्यों को अद्यतन करने की कोई बाध्यता नहीं लेती.