एआई से लेकर ग्रीन एनर्जी तक की संभावनाओं पर की बात
दुनिया की अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की नई दिशा तय कर रहे हैं। ऐसे दौर में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। इसी भविष्य को लेकर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और ब्लूमबर्ग के सह-संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग के बीच नई दिल्ली में अहम बातचीत हुई।
दोनों दिग्गजों की मुलाकात ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान हुई। चर्चा के केंद्र में चार बड़े विषय रहे, दुनिया में स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव को रफ्तार देना, भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम शहरों का निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका और पर्यावरण के अनुकूल आर्थिक विकास।
गौतम अदाणी बोले- ब्लूमबर्ग का विजन प्रेरणादायक
इस मुलाकात की जानकारी गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने माइकल ब्लूमबर्ग के साथ हुई बातचीत को बेहद सार्थक बताया। अदाणी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ब्लूमबर्ग की दूरदर्शी सोच और प्रतिबद्धता उन्हें लगातार प्रेरित करती है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब दुनिया ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों, तकनीकी बदलाव और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के नए रास्ते तलाश रही है।
Delighted to meet @MikeBloomberg at the Bloomberg New Economy Forum in New Delhi. A truly engaging discussion on accelerating the global energy transition, resilient urban infrastructure, future of AI and sustainable growth. Mike’s vision and commitment to climate action continue… pic.twitter.com/vX7txsg1G4
— Gautam Adani (@gautam_adani) October 13, 2026
भारत की बढ़ती ताकत पर ब्लूमबर्ग का भरोसा
माइक ब्लूमबर्ग ने भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत के दूरदर्शी उद्यमी और नेतृत्वकर्ता दशकों से नई तकनीक,इनोवेशन और आर्थिक अवसरों के विस्तार में योगदान दे रहे हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, भारत आज दुनिया के प्रमुख आर्थिक विकास केंद्रों में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। उन्होंने देश के कारोबारी और सामाजिक क्षेत्र के नेतृत्वकर्ताओं के साथ भारत की भविष्य की संभावनाओं पर बातचीत को महत्वपूर्ण बताया। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब वैश्विक स्तर पर बड़े आर्थिक और तकनीकी बदलाव हो रहे हैं।
AI, ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों हैं अहम?
गौतम अदाणी और माइक ब्लूमबर्ग के बीच जिन विषयों पर बातचीत हुई, वे आने वाले दशकों में वैश्विक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। एक ओर एआई उद्योगों और कारोबार के काम करने के तरीके बदल रहा है, तो दूसरी ओर क्लीन एनर्जी भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने का महत्वपूर्ण जरिया बन रही है। इसी तरह तेजी से बढ़ते शहरों के लिए मजबूत, टिकाऊ और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी बढ़ रही है। भारत जैसे तेजी से विकसित होते देश के लिए ये तीनों क्षेत्र आर्थिक विकास, नए निवेश और रोजगार के अवसरों से सीधे जुड़े हैं।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका
नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में दुनिया के प्रमुख कारोबारी और सरकारी प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अंतरराष्ट्रीय मंच का उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों पर विचार करना, आपसी सहयोग बढ़ाना और आर्थिक विकास की नई संभावनाएं तलाशना है। गौतम अदाणी और माइकल ब्लूमबर्ग की मुलाकात भी इसी संवाद का हिस्सा रही।