महारानी फार्म पुलिया शुरू, सीएम ने किया उद्घाटन, 5 किमी के चक्कर से मिलेगी मुक्ति

मानसरोवर और दुर्गापुरा क्षेत्र को जोड़ने वाली द्रव्यवती नदी पर बनी महारानी फार्म पुलिया का सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उद्घाटन किया. इसके खुलने से अब यहां से गुजरने वाले लगभग 1.05 लाख वाहन चालकों को बी-टू बायपास और रिद्धी-सिद्धी होकर टोंक रोड आने-जाने के लिए 5 किलोमीटर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी.

सीएम शर्मा के समक्ष स्थानीय लोगों ने गत वर्ष अगस्त 2024 में इस पुलिया के सुधार की मांग की थी. इसके बाद उनके निर्देश पर फरवरी 2025 में ही महारानी फार्म पुलिया बनाने का काम शुरू किया गया था. यहां पुलिया की ऊंचाई कम होने से बारिश के दौरान पानी ओवरफ्लो होता था. इस परेशानी को दूर करने के लिए जेडीए ने इसकी ऊंचाई 2.5 मीटर तक बढ़ाने का काम शुरू किया. फरवरी से यहां ट्रैफिक बंद था. यह इलाका मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में आता है, इसलिए सीएम ने सोमवार को खुद इस पुलिया का उद्धाटन किया. सीएम का काफिला ही सबसे पहले इस पुलिया से गुजरा. इसके साथ ही यहां ट्रैफिक शुरू हो गया.

जेडीए ने यहां बॉक्स डालकर इसकी ऊंचाई 2.5 से करीब 5 मीटर तक बढ़ाई है. इस संबंध में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि यहां कई साल पहले रपट बनी थी. उसके बाद स्थानीय लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या बारिश के दिनों में उसे पार करने की थी, क्योंकि रपट से काफी पानी बहता था. इसकी वजह से आवागमन बाधित हो जाता था. बीते साल अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री से स्थानीय लोगों ने जब इसके सुधार की मांग की, तब इस पुलिया के निर्माण की घोषणा की गई थी.

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया कि इस परियोजना पर लगभग 6.50 करोड़ रुपए की लागत आई है. उन्होंने कहा कि पुलिया को अगले 100 साल में होने वाली भारी बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, ताकि भविष्य में आवागमन प्रभावित न हो. मंत्री ने गुणवत्ता की गारंटी देते हुए कहा कि किसी भी तरह की शिकायत की स्थिति में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि, एक चिंता का विषय यह है कि महारानी फार्म पुलिया के नीचे से बहने वाली द्रव्यवती नदी में अब भी गंदे पानी का प्रवाह जारी है. करीब तीन महीने से एसटीपी प्लांट बंद पड़े हैं, जिससे नदी फिर से एक नाले का रूप ले रही है. इस समस्या पर मंत्री खर्रा ने बताया कि द्रव्यवती नदी की कायाकल्प परियोजना को लेकर जेडीए और टाटा कंसल्टेंसी के बीच उच्च न्यायालय में एक मामला लंबित है. उन्होंने दोनों पक्षों को न्यायालय के बाहर आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के निर्देश दिए हैं, ताकि नदी की सफाई की परियोजना पर काम शीघ्र शुरू हो सके.

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