किसानों के लिए पंजाब के साथ केंद्र, शिवराज-भगवंत मान की बैठक का साझा विजन

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की. पंजाब के किसानों, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और कृषि के स्थायी भविष्य को लेकर यह एक अहम बैठक थी. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ मिलकर ऐसी ठोस रणनीति पर काम करेगी, जिससे किसानों को लाभ हो.

केंद्रीय कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब केवल एक राज्य नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है. उन्होंने पंजाब की जनता को नमन करते हुए कहा कि देश पर आने वाले हर संकट को सबसे पहले अपने सीने पर झेलने वाला यदि कोई राज्य रहा है तो वह पंजाब है. पंजाब देश के गर्व और गौरव का प्रतीक है.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर अत्यंत सकारात्मक चर्चा हुई. सबसे महत्वपूर्ण विषय क्रॉप डायवर्सिफिकेशन रहा. पंजाब की धरती इतनी उपजाऊ और उर्वर है कि यहां धान के विकल्प के रूप में अनेक फसलें सफलतापूर्वक उगाई जा सकती हैं. समय की मांग है कि पंजाब को पानी के संकट और भूमि क्षरण से बचाने के लिए धान आधारित खेती के विकल्पों को मजबूती से आगे बढ़ाया जाए.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पांच आब की पहचान वाले पंजाब को उसके नाम के अनुरूप जल-संपन्न बनाए रखना होगा और इसके लिए पानी बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाना अनिवार्य है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस विषय पर केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के बीच व्यापक सहमति बनी है. दोनों मिलकर आगे बढ़ेंगे.

शिवराज सिंह ने कहा कि कॉटन मिशन हो, दलहन मिशन हो, तिलहन मिशन हो या हॉर्टिकल्चर; केंद्र और पंजाब साथ मिलकर काम करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सोच साफ है कि फसल विविधीकरण किसान पर बोझ बनकर नहीं, बल्कि अवसर बनकर आए. ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिसमें किसान को कोई घाटा न हो, उसे नई फसलों से फायदा मिले, जल संरक्षण हो, मिट्टी की सेहत सुधरे और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का भी मजबूती से सामना किया जा सके.

बैठक में पंजाब की अन्य मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि पहले भी केंद्र सरकार पंजाब के साथ खड़ी रही है और आगे भी जिस तरह के सहयोग की किसान भाइयों-बहनों और राज्य को आवश्यकता होगी, वह पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा.

उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय की खेती केवल उत्पादन बढ़ाने की नहीं, बल्कि पानी बचाने, मिट्टी बचाने, किसान बचाने और भविष्य बचाने की खेती होगी. पंजाब इस नई कृषि दिशा का नेतृत्व कर सकता है और केंद्र सरकार इस परिवर्तन में पंजाब के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी. उन्होंने कहा कि यह बैठक केवल मांगों और मुद्दों की चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक साझा विजन के साथ आगे बढ़ने का मजबूत संकेत भी लेकर आई है.

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