सोशल मीडिया पर गदर मचाने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की पूरी कहानी, इंस्टाग्राम पर बन गये करोड़ों फॉलोअर्स

इंटरनेट की दुनिया में कब, क्या वायरल हो जाए और कब एक छोटा सा मजाक देश का सबसे बड़ा डिजिटल आंदोलन बन जाए, कोई नहीं कह सकता. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी ‘पार्टी’ ने तहलका मचा रखा है, जिसने राजनीति के बड़े-बड़े धुरंधरों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. नाम है-‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP).

सिर्फ एक मीम (Meme) से शुरू हुए इस सफर ने इंटरनेट पर ऐसी आग लगाई है कि देखते ही देखते इंस्टाग्राम पर इसके 1.24 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं. आखिर क्या है देश की इस सबसे नई डिजिटल सनसनी की इनसाइड स्टोरी? इसे बनाने के पीछे युवाओं का क्या गुस्सा है और इसके घोषणापत्र में ऐसी कौन सी 5 मांगें हैं जिन्होंने सबका ध्यान खींचा है. आइए जानते हैं इस अनोखी पार्टी की ए टू जेड (A to Z) कहानी.

यह पार्टी भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की उस टिप्पणी के जवाब में बनाई गई है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच (तिलचट्टों) से की थी. मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी के अगले ही दिन यानी 16 मई को इस पार्टी की स्थापना की गई. इस व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन की शुरुआत 30 वर्षीय अभिजीत दिपके ने की है, जो बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं. आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व सोशल मीडिया वॉलंटियर रह चुके हैं.

पार्टी के अस्तित्व में आने के बाद से लेकर अब तक, इंस्टाग्राम पर इसके 1.24 करोड़ (12.4M) फॉलोअर्स हो चुके हैं. CJP का दावा है कि इसकी शुरुआत से लेकर अब तक 1 लाख से अधिक लोग इस पार्टी में शामिल हो चुके हैं. टीएमसी (TMC) की महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे बड़े नामों को भी इस पार्टी में “शामिल” किया गया है. पार्टी का अपना एक संविधान, वेबसाइट, एआई (AI) से तैयार किया गया राष्ट्रगान और एक औपचारिक घोषणापत्र भी है.

CJP की वेबसाइट के अनुसार, पार्टी का सदस्य बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

  • अगर आप बेरोजगार हैं, आलसी हैं, हर समय इंटरनेट पर एक्टिव रहते हैं और पेशेवर तरीके से अपनी भड़ास निकाल सकते हैं, तो आप ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के सदस्य बन सकते हैं. यह बात इस नई नवेली पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर कही गई है.
  • पार्टी की सदस्यता पूरी तरह से मुफ्त है, यह जीवनभर के लिए रहेगी और इसे सिर्फ आप ही रद्द कर सकते हैं. इसके लिए कोई फीस नहीं देनी होगी, नेता के साथ सेल्फी खिंचवाने की जरूरत नहीं है, और रजिस्ट्रेशन के लिए किसी “मिस्ड कॉल” का झंझट भी नहीं है.

CJP का घोषणापत्र

  • यदि CJP सत्ता में आती है, तो रिटायरमेंट के बाद इनाम के तौर पर किसी भी मुख्य न्यायाधीश को राज्यसभा की सीट नहीं दी जाएगी.
  • यदि किसी नागरिक का वैध वोट वोटर लिस्ट से काटा जाता है- चाहे वह CJP शासित राज्य हो या विपक्ष शासित, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को यूएपीए (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया जाएगा, क्योंकि नागरिकों से उनके वोट देने का अधिकार छीनना किसी आतंकवाद से कम नहीं है.
  • संसद की सीटें बढ़ाए बिना महिलाओं को 33% नहीं, बल्कि पूरे 50% का आरक्षण मिलेगा. इसके अलावा, कैबिनेट के सभी मंत्रियों के पदों में से 50% पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे.
  • सचमुच स्वतंत्र मीडिया का रास्ता साफ करने के लिए अंबानी और अडानी के मालिकाना हक वाले सभी मीडिया घरानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे. साथ ही ‘गोदी मीडिया’ के एंकरों के बैंक खातों की जांच की जाएगी.
  • कोई भी विधायक (MLA) या सांसद (MP) जो एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होता है (दलबदल करता है), उस पर 20 साल की अवधि के लिए चुनाव लड़ने और किसी भी सरकारी पद पर बैठने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.

पार्टी का दृष्टिकोण (Vision):

हम यहां एक और ‘पीएम केयर्स’ (PM CARES) फंड बनाने, टैक्सपेयर्स (करदाताओं) की गाढ़ी कमाई पर दावोस (Davos) में छुट्टियां मनाने या भ्रष्टाचार को “रणनीतिक खर्च” का नया नाम देने के लिए नहीं आए हैं. हम यहां केवल लिखित रूप में, बार-बार और जोर-शोर से यह पूछने आए हैं कि आखिर जनता का पैसा गया कहां?

मिशन (Mission):

एक ऐसी पार्टी का निर्माण करना जो उन युवाओं के लिए हो जिन्हें लगातार आलसी, हर समय इंटरनेट पर एक्टिव रहने वाला और हाल ही में कॉकरोच (तिलचट्टा) कहा गया है. बस इतना ही. यही हमारा मिशन है. बाकी सब सिर्फ एक व्यंग्य (मजाक) है.

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने अपने मुख्यालय (Headquarters) का पता घोषित किया है: “जहां भी वाई-फाई (wifi) काम कर रहा हो.” इसका चुनाव चिह्न कॉकरोच (तिलचट्टा) है, जो विपरीत सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद टिके रहने और जीवित रहने के संघर्ष को दर्शाता है.

क्या CJP एक असली राजनीतिक पार्टी है?

नहीं ऐसा नहीं है. ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा एक व्यंग्यात्मक (satirical) आंदोलन है. भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के पास आधिकारिक रूप से रजिस्टर्ड कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है.

यह जनता द्वारा खुद से शुरू किया गया एक काल्पनिक ‘मीम-आंदोलन’ (meme-movement) है. इसके सदस्यों में आम सोशल मीडिया यूजर्स और कुछ विपक्षी राजनेता शामिल हैं, जिन्होंने इस मजाक का खुलकर समर्थन किया है.

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