‘वक्त की रेत पर चलने से कभी इतिहास नहीं बनते, विकास के लिए संघर्ष की आग में तपना पड़ता है. जो अपनी राह खुद तलाशते हैं, वहीं इतिहास को बना पाते हैं. असली विकास वह नहीं जो सुविधाओं में पले, असली विकास वह है जो संघर्ष में पले. हर महान निर्माण की नींव एक ऐसे ही सपने से रखी जाती है, जिसे कोई देख नहीं सकता और जिसे कोई सोच नहीं सकता’.
ये बातें देश के दिग्गज उद्योगपति और अडानी समूह के मालिक गौतम अडानी ने गुरुवार को लखनऊ में कही. वे भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ के छात्रों को संबोधित कर रहे थे.
आईआईएम के उत्सव हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जब मैं आपको देखता हूं तो मुझे विकसित भारत का सपना नजर आता है, इसलिए मैं यहां खड़े होकर खुद का मैप बनाने की बात कह रहा हूं. मैं आपको अपने हर फैसले की कहानी सुनाऊंगा, जिसकी वजह से आज मेरी पहचान दुनिया भर में बनी है. मैं कहना चाहूंगा कि मैं हर उस चुनौती में सफल रहा, जिसमें मेरा सभी सपोर्ट सिस्टम फेल हो गया. जीतने की ललक ही मेरे साथ थी.
गौतम अडानी ने कहा कि भारत वह उत्तर है जिसे दुनिया तक ले जाना है. यह वही उत्तर है, जो बुद्ध की करुणा, विवेकानंद की वाणी और महात्मा गांधी की सीखो में था. भारत वह भूमि है जहां विचारों ने धर्म का रूप लिया और आत्मा ने राष्ट्र का स्वरूप. भारत एक चेतन की तरह आपको पुकार रही है. उसे जियो और गढ़ो. इसलिए जब पूछा जाए तो गर्व से कहो कि भारत मेरा भविष्य है.
गौतम अडानी ने कहा कि अपने सपने को पूरा करने के लिए कुछ बड़ा करने के लिए कंफर्ट की जगह साहस को चूज करें. अब समय आ गया है जब भारत में जन्म लेने वाले ड्रीम दुनिया को देंगे. बहुत से भारतीयों ने विदेश में अपने सपने को पूरा किया. अब समय आ गया कि भारत में जन्म लिया सपना यही पूरा करें.
उन्होंने कहा कि मुंबई के धारावी को विकसित करना विकसित प्रोजेक्ट था. मेरे परिचितों ने मुझे मना किया, लेकिन मैंने यह चैलेंज लिया. आज धारावी की सूरत बदल चुकी है. अपनी बिजनेस जर्नी को शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि राजीव गांधी, नरसिम्हा राव विजनरी नेता थे जिनके समय में आर्थिक विकास की नींव पड़ी.